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MPPSC Protest: छात्रों के हक में उतरे राहुल गांधी, बोले- युवाओं का एकलव्य की तरह अंगूठा काट रही है सरकार

Fri, 03 Jan 2025 06:44 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर छात्रों के भरोसे को तोड़ने और लोकतांत्रिक प्रणाली का गला घोंटने का आरोप लगाया है। विरोध के दौरान दो छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर जेल भेजने से विवाद और गहरा गया।
 
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जेल भेजे गए राधे और रणजीत की हक में उतरे राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) की ओर से 2025 के लिए केवल 158 पदों की घोषणा के बाद बवाल मचा हुआ है। अब इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोल दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार ने छात्रों के भरोसे को तोड़ दिया है। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने एमपीपीएससी के 700 पदों की भर्ती का वादा किया था, लेकिन केवल 158 पदों के लिए अधिसूचना जारी की गई।

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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में लिखा 'भाजपा भारत के युवाओं का बिल्कुल एकलव्य जैसा अंगूठा काट रही है, उनका भविष्य मिटा रही है। सरकारी भर्ती में विफलता बड़ा अन्याय है। पहले तो भर्ती नहीं निकलती। भर्ती निकल जाए तो एग्जाम समय पर नहीं होते। एग्जाम हो तो पेपर लीक करवा दिए जाते हैं। और जब युवा न्याय मांगते हैं तब उनकी आवाज़ को बेरहमी से कुचला जाता है।
हाल ही में UP और बिहार की घटनाओं के बाद अब मध्यप्रदेश में MPPSC में हुई गड़बड़ी का विरोध कर रहे दो छात्रों को जेल में डाल दिया गया है। वो भी तब जब मुख्यमंत्री ने ख़ुद छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया था। BJP की सरकार ने छात्रों के भरोसे को तोड़ा है और लोकतांत्रिक प्रणाली का गला घोंटा है। छात्रों के अधिकार की लड़ाई में हम उनके साथ हैं। भाजपा को देश के युवाओं के हक की आवाज किसी कीमत पर दबाने नहीं देंगे।'
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ये है मामला
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) की ओर से 2025 के लिए नोटिफिकेशन जारी हुआ, जिसमें 158 पदों की घोषणा की गई, जबकि सरकार ने 700 पदों की भर्ती का वादा किया था। इस नोटिफिकेशन के बाद से युवाओं में आक्रोश है। इस मसले पर कल से ही विवाद मचा हुआ है। युवओं ने नोटिफिकेशन के विरोध में जमकर हंगामा करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आंदोलन के प्रमुख और एनईवाययू के संयोजक राधे जाट और रणजीत किशानवंशी को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें जेल में भेज दिया गया था।
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