प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शिरकत करने वाले अतिथि लगभग आ चुके हैं। सम्मेलन के मद्देनजर इंदौर को खासतौर पर दुल्हन की तरह सजाया गया है। सम्मलेन के लिए 10 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के तत्काल बाद 11 जनवरी से ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, दोनों आयोजन आठ से 12 जनवरी तक होंगे।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे के दौरान प्रवासी भारतीयों और अन्य को इंदौर आने का आमंत्रण दे चुके हैं। विदेश में इंदौर आने के आमंत्रण का यह वीडियो जमकर वायरल हुआ था। बीते दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सम्मेलन का इंतजामात बेहद खास होने चाहिए। इसके लिए अब इंदौर शहर सज-धजकर पूरी तरह से तैयार हो गया है।
एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल तक कलाकृतियों के साथ ही दीवारों को कैनवास बना दिया गया है। दीवारों पर खूबसूरत पेटिंग की गई हैं। सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों को इंदौर की संस्कृति से रू-ब-रू करवाने के लिए हर मुमकिन प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त...
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में यह सम्मलेन आयोजित हो रहा है। यहां सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। यहां सिर्फ पासधारकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इन दिनों में यहां आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रवासी भारतीयों के शहर पहुंचने से पहले ही विभिन्न लोगों को विशेष स्तर पर प्रशिक्षण दिए गए थे, ताकि वे शहर में आने वाले मेहमानों से दुर्व्यवहार न करें। मेहमानों को इंदौर में आकर अपनेपन का अहसास हो।
3500 से अधिक प्रवासी सदस्यों का पंजीकरण...
इस बार इस सम्मेलन का विषय 'प्रवासी: अमृत काल में भारत की प्रगति में विश्वसनीय भागीदार' रखा गया है। सम्मलेन में अब तक लगभग 70 विभिन्न देशों के 3 हजार 500 से अधिक प्रवासी सदस्यों ने पंजीकरण कराया है।
क्यों होता है प्रवासी भारतीय सम्मेलन...
प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है। यह विदेशों में रहने वाले भारतीयों के साथ जुड़ने और सम्पर्क स्थापित करने तथा प्रवासी भारतीयों को एक-दूसरे के साथ बातचीत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। 17वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे चार साल के अंतराल के बाद और कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद पहली बार वास्तविक कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जा रहा है। महामारी के दौरान 2021 में अंतिम प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन वर्चुअली आयोजित किया गया था।
इन तीन भागों में होगा सम्मेलन...
सम्मेलन तीन खंडों में होगा। आठ जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ साझेदारी में होगा। युवा प्रवासी भारतीय दिवस पर ऑस्ट्रेलिया की सांसद जनेटा मैस्करेनहास सम्मानीय अतिथि होंगी।
पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नौ जनवरी 2023 को सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और गुयाना सहकारी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मोहम्मद इरफ़ान अली मुख्य अतिथि और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी विशेष सम्मानित अतिथि के रूप में सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
राष्ट्रपति देंगी पुरस्कार...
10 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार 2023 प्रदान करेंगी और समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगी। प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार चुनिंदा भारतीय प्रवासी सदस्यों को उनकी उपलब्धियों को पहचानने और विभिन्न क्षेत्रों में, भारत और विदेश दोनों में उनके योगदान का सम्मान करने के लिए प्रदान किए जाते हैं।
डाक टिकट होगा जारी...
कार्यक्रम के दौरान दूसरे दिन एक स्मारक डाक टिकट ‘सुरक्षित जाएं, प्रशिक्षित जाएं’ जारी किया जाएगा। जो सुरक्षित, कानूनी, व्यवस्थित और कुशल प्रवासन के महत्व को रेखांकित करेगा। भारत की स्वतंत्रता में हमारे प्रवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को उजागर करने के लिए प्रधानमंत्री 'आजादी का अमृत महोत्सव'–'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासी भारतीयों का योगदान' विषय पर पहली बार डिजिटल प्रवासी भारतीय दिवस प्रदर्शनी का भी उद्घाटन करेंगे। जी-20 की भारत की वर्तमान अध्यक्षता के मद्देनजर नौ जनवरी को एक विशेष टाउन हॉल भी आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन के बारे में जानें और भी कुछ...
- पहला सत्र युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में नवाचारों और नई प्रौद्योगिकियों में प्रवासी युवाओं की भूमिका पर होगा।
- दूसरा पूर्ण सत्र अमृत काल में भारतीय हेल्थकेयर इको-सिस्टम को बढ़ावा देने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका: विजन @ 2047’ पर होगा, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में और विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह की सह-अध्यक्षता में होगा।
- तीसरा पूर्ण सत्र विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी की अध्यक्षता में भारत की नरम शक्ति का लाभ उठाना–शिल्प, व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना पर होगा।
- चौथा पूर्ण सत्र शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में भारतीय कार्यबल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम करना–भारतीय डायस्पोरा की भूमिका पर होगा।
- पांचवा पूर्ण सत्र वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राष्ट्र निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी उद्यमियों की क्षमता का दोहन पर होगा।