सार
मंगलवार हुई एमआईसी की बैठक में भी एमआईसी मेंबर जलप्रयाय की जिम्मेदारी संभाल रही रामकी कंपनी पर नाराज हो गए। जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने कहा कि कंपनी ठीक से काम नहीं कर रही है। जो काम तीन चार माह पहले बताए, उसे ही नहीं किए।
एमआईसी की बैठक में बात रखते पार्षद।
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इस बार नगर निगम में चुनकर आए पार्षद की अफसरों कऔर कंपनियों से पटरी ठीक नहीं बैठ रही है। बैठक में हर बार काम में देरी, अफसरों की बेरुखे रवैये का मुद्दा उठता रहता है। मंगलवार हुई एमआईसी की बैठक में भी एमआईसी मेंबर जलप्रयाय की जिम्मेदारी संभाल रही रामकी कंपनी पर नाराज हो गए।
जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने कहा कि कंपनी ठीक से काम नहीं कर रही है। जो काम तीन चार माह पहले बताए, उसे ही नहीं किए। उनकी बात का समर्थन करते हुए राजस्व समिति प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने कहा कि जब समिति के चेयरमेन ही कंपनी के काम से संतुष्ट नहीं है तो फिर उसका काम छिनकर पिंड छुड़ाना चाहिए। कंपनी से कौन सी हमारी रिश्तेदारी है। चौहान ने कहा कि अफसरों से जो जानकारी हम लिखित में मांगते है। वह नहीं मिलती। पिछली बैठक में यह बात उठाई थी। फिर भी एक ही पत्र का जवाब मिला।
बैठक में कंपनी को नोटिस देने के निर्देश मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने दिए। एमआईसी मेंबर राजेश उदावत ने कहा कि फल-सब्जी बेचने वालों से अफसरों को रवैया ठीक नहीं रहता। उनके साथ बदसलूकी नहीं होना चाहिए। बैठक में तय हुआ कि कई शहरों के अफसर, जनप्रतिनिधि सफाई का काम देखने इंदौर आते है। इंदौर से भी पार्षदों को अच्छे काम देखने के लिए नागपुर,बेंगलूरु, हैदराबाद जाना चाहिए। इस दौरे को भी सहमति दी गई। बैठक में बगैर अनुमति के खुली मांस की दुकानों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए है।