धरमपुरी की थी रूपमति
इतिहासकार एम रायकवार कहते है कि रानी रूपमति निमाड़ क्षेत्र के धरमपुरी गांव की थी। वह अच्छा गाती थी और दिखने में भी सुंदर थी। उसके बारे में जब बाज बहादूर को पता चला तो वे उससे मिले और उसके प्रेम में पड़ गए थे।
जिस महल पर खड़े होकर रूपमति नर्मदा को देखती थी। उसका निर्माण नसरुद्दीन ने कराया था। बाद में बाज बहादूर ने उसका विस्तार किया। यह मांडू का सबसे ऊंचा महल है। वहां से निमाड़ क्षेत्र का बड़ा हिस्सा नजर आता है।