इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन का काम मालवा-निमाड़ में शुरू हो चुका है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है और पांच हजार करोड़ के टेंडर भी जारी हो गए हैं। महू से ग्यासपुरखेड़ी तक 72 किलोमीटर की लाइन चार साल में बिछ जाएगी।
इस लाइन के निर्माण के बाद पर्यटन स्थल मांडू और महेश्वर भी रेलवे रूट के नक्शे पर आ जाएंगे और दोनों स्थलों पर पर्यटन में इजाफा होगा। महेश्वर और मांडू के नजदीक के स्टेशन नीमगढ़ और सराय तालाब आ रहे हैं। यहां से मांडू की दूरी 35 किलोमीटर और महेश्वर की 40 किलोमीटर होगी। अभी दोनों प्राचीन पर्यटन स्थलों पर सिर्फ सड़क मार्ग से ही पहुंचा जा सकता है।
महू से ग्यासपुरखेड़ी रेलखंड के इस प्रोजेक्ट में रेलवे ट्रैक बनाने के अलावा सात स्टेशन और चार रेलवे ओवरब्रिज रहेंगे। इसके अलावा 25 बड़े ब्रिज भी बनेंगे। मनमाड़ रेल लाइन के लिए पहाड़ी इलाके में सुरंगों का निर्माण भी होगा। 72 किलोमीटर के इस हिस्से में ग्यासपुरखेड़ी, चिकट्यावड़, नीमगढ़, सराय तालाब, झाड़ी बरौदा, केलौद और कामदपुर में रेलवे स्टेशन शामिल हैं। सराय तालाब स्टेशन से मांडू और महेश्वर की दूरी कम होगी।
इंदौर-मनमाड़ प्रोजेक्ट में मध्य प्रदेश के बड़वानी, खरगोन, धार और इंदौर जिले को सबसे ज्यादा फायदा होगा। किसानों की उपज के अलावा पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के उत्पादों को भी महाराष्ट्र तक पहुंचाना आसान होगा।
यह होगा इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन का रूट
इस परियोजना में डॉ. अंबेडकर नगर (महू), धार, पीथमपुर क्षेत्र, खरगोन, बड़वानी, महाराष्ट्र का धुले क्षेत्र, मालेगांव और मनमाड़ जैसे बड़े इलाके शामिल हैं। इसके अलावा इस रेलवे रूट पर डॉ. अंबेडकर नगर, केलोद, कामदपुर, झाड़ी बरौदा, सराय तालाब, नीमगढ़, चिकट्यावड़, ग्यासपुरखेड़ी, कोठाडा, जरवाह, आजंदी, बघाड़ी, कुसमारी, जुलवानिया, साली कला, वाणीहर, बावदाद, मालवणसांगवी बुद्रुक, लौकी, दाभाशी, नरडाना, न्यू धुले, ललिंग, पुरमेपाड़ा, झोडगे, चिखल ओहळ, मालेगांव, यसगांव बुद्रुक, मेहुण, चोंडी, खाटगांव और मनमाड़ में रेलवे स्टेशन बनेंगे।