फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahakumbh traffic jam: प्रयागराज महाकुंभ: कम लगेज, ज्यादा पैदल यात्रा, तभी संभव महाकुंभ में आस्था की डुबकी

Tue, 11 Feb 2025 04:19 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

प्रयागराज के पहले के रेलवे स्टेशनों तक पहुंचने में यात्री यदि सफल होते है तो फिर वहां से प्रयागराज तक जाने वाली ट्रेनों में खड़े रहने की जगह पाना सबसे बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन
महाकुंभ 2025 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रयागराज में भले ही कितनी भी भीड़ हो, लेकिन लोगों को उत्साह कम नहीं है। ‘घर से तो निकलो, जो भी है देखा जाएगा’ के इरादे से लोग निकल रहे है। परेशानियां भी झेल रहे है। जिसने हार नहीं मानी वो प्रयागराज तक पहुंच भी रहा है। आस्था की डुबकी तभी संभव है, जब आप तैयारियों से जाए। इतना तो तय है कि सड़क मार्ग के बजाए 14 फरवरी तक ट्रेनों से ही महाकुंभ तक जाना संभव है, लेकिन ट्रेन में सवार होने की जद्दोजद, कम लगेज और 15 से 20 किलोमीटर तक चलाने की ताकत हो तो यात्रा संभव है।

विज्ञापन



यदि इसके लिए तैयार है तो फिर किसी भी साधन के जरिए  प्रयागराज से 100-150 किलोमीटर तक के स्टेशनों तक पहुंचना होगा। कई ट्रेनें यहां तक जाती है। मध्य प्रदेश के यात्रियों को कटनी, सतना या मणीकपुर तक जाना होगा, उसके बाद कुछ ही रास्ता निकल सकता है।

क्राउड मैनेजमेंट के लिए प्रयागराज स्टेशन बंद

माघ पूर्णिमा के स्नान के कारण संगम पर भीड़ न बढ़े, इसलिए क्राउड मैनेजमेंट के तहत प्रयागराज स्टेशन पर ट्रेनों को पहुंचाने से से पहले नैनी जंक्शन पर रोका जा रहा है। नैनी जंक्शन से अरेल घाट तक पंद्रह से 20 किलोमीटर तक यात्रियों को स्नान के लिए पदयात्रा करना होगी। तीन दिनों के लिए प्रशासन ने मेला क्षेत्र में वाहनों को प्रतिबंधित कर रखा है, इसलिए टूव्हीलर और ई रिक्शा की सुविधा भी यात्रियों को नहीं मिल पाएगी।

ट्रेनों में सवार होना सबसे बड़ी चुनौती

प्रयागराज के पहले के रेलवे स्टेशनों तक पहुंचने में यात्री यदि सफल होते है तो फिर वहां से प्रयागराज तक जाने वाली ट्रेनों में खड़े रहने की जगह पाना सबसे बड़ी चुनौती है। यदि यात्री तीन से चार घंटे का ट्रेन में मुश्किल भरा सफर कर सकते है, तभी आस्था की डुबकी संभव है। जितना कम लगेज और जितने कम सहयात्री होंगे। प्रयाराज जाने की राह उतनी ही आसान होगी,क्योकि खचाखच भरे ट्रेन के डिब्बों में एक साथ सवार होना बड़ा मुश्किल हो रहा है।


 

इस तैयारी से जाए प्रयागराज

- पंद्रह से 20 किलोमीटर तक चलना होगा, इसलिए स्पोटर्स शू पहन कर जाए।

- घर से काम सामान लेकर निकले। नैनी स्टेशन के पास कोई होटल या होम स्टे लेकर वहां सामान रख सकते है।

- अरेल संगम तक जाने के लिए यात्री छोटे बैग में स्नान के बाद पहने जाने वाले कपड़े, पानी की बोतल साथ रखे।

-धूल से बचना हो तो मास्क रखे,क्योकि मार्ग और घाट के आसपास धूल काफी है।

- भीड़ होने के कारण परिवार के बच्चों व बुर्जुगों को न ले जाए तो बेहतर है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें