इंदौर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ सोलर राउंड टेबल से हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा भोपाल से इंदौर के बीच एक लाख करोड़ का औद्योगिक रोडमैप बनेगा। यह देश का मुख्य इकोनॉमिकल केंद्र होगा। अधिकतर बड़े देशों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने की योजना पर काम हो रहा है। सीएम ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास करोड़ों के मकान थे लेकिन मकान के दस्तावेज नहीं थे। वो लोग लोन नहीं ले पाते थे, व्यापार नहीं कर पाते थे। सरकार ने उन्हें निःशुल्क रजिस्ट्री करके दी। मध्यप्रदेश धार्मिक पर्यटन में भारत का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है। दुनियाभर के होटल इंडस्ट्री के बड़े ब्रांड मध्यप्रदेश में आ चुके हैं।
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं, नगरीय निकायों के वित्तीय सशक्तीकरण तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नवाचार आधारित मॉडल अपनाने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं, म्युनिसिपल पूल बॉन्ड और प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना से संबंधित नीतिगत पहलुओं के महत्व पर विचार रखे।
बिरसिंहपुर में 200 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजना का प्रस्तुतिकरण
मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मंजीत सिंह ने बिरसिंहपुर जलाशय में प्रस्तावित 200 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सोलर परियोजना के साथ 50 मेगावाट/100 मेगावाट-घंटा क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) का प्रस्तुतिकरण दिया। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1,564 करोड़ रुपये बताई गई।
प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य नगरीय निकायों को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण के माध्यम से शाम के समय पीक डिमांड के दौरान दो घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे नगरीय निकायों के बिजली व्यय को अनुकूलित करने और ग्रिड पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
परियोजना के वित्तपोषण के लिए डेवलपर की भागीदारी, ऋण, नगरीय निकायों की इक्विटी तथा मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) के माध्यम से वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) जैसे विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं, गौरतलब है कि वीजीएफ के रूप में निकायों का अंश रहेगा, इसमें बिजली की कैप्टिव खपत और दीर्घकालीन संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल है।
नगरीय निकायों के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने का नया मॉडल
बैठक में लगभग 200 नगरीय निकायों के लिए बिजली आपूर्ति के उद्देश्य से पूल्ड म्युनिसिपल बॉन्ड की पहल पर भी चर्चा की गई। इस मॉडल के माध्यम से विभिन्न नगरीय निकायों की वित्तीय आवश्यकताओं को एक साथ जोड़कर संसाधन जुटाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इसे नगरीय आधारभूत संरचना के विकास और स्थानीय निकायों की वित्तीय क्षमता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
प्रस्तुतीकरण में फ्लोटिंग सोलर और बैटरी ऊर्जा भंडारण को एकीकृत करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। इससे दिन के समय सौर ऊर्जा उत्पादन का उपयोग करने के साथ शाम के समय बिजली की मांग को पूरा करने में सहायता मिल सकती है।
मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अधीक्षण यंत्री अवनीश शुक्ला ने भी विषय से संबंधित तकनीकी प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में बिरसिंहपुर परियोजना को नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार तथा नगरीय निकायों के बिजली व्यय के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में रेखांकित किया गया।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं मध्यप्रदेश के नगरीय क्षेत्र
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने सौर ऊर्जा की उपयोगिता बताते हुए कहा कि अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के नगरीय क्षेत्र सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने नगरीय निकायों में सौर ऊर्जा आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करने तथा ऊर्जा की जरूरतों को टिकाऊ और किफायती विकल्पों से पूरा करने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं और वित्तीय नवाचारों के बीच बेहतर समन्वय से नगरीय निकायों को दीर्घकालीन लाभ मिल सकता है। ऐसे प्रयास सतत नगरीय विकास, ऊर्जा दक्षता और वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग में सहायक होंगे। तकनीकी अधिकारी श्री कमलेश भटनागर ने निवेशकों की जिज्ञासा का समाधान किया। कार्यक्रम में अपर आयुक्त शिशिर गेमावत तथा मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के प्रमुख अभियंता आनंद सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अर्बन इनोवेशन गैलरी में डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित की गई विभागीय ई-बुक एवं नवाचार
अर्बन कॉन्क्लेव के अंतर्गत आयोजित अर्बन इनोवेशन गैलरी में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की उपलब्धियों, योजनाओं एवं नवाचारों को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया गया। गैलरी में एलईडी स्क्रीन एवं कियोस्क के माध्यम से विभागीय ई-बुक का प्रदर्शन किया गया, जिसका मुख्यमंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने अवलोकन किया। इस अवसर पर 6D वीआर तकनीक के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती के वर्चुअल दर्शन का लाभ लिया। साथ ही महाकालेश्वर मंदिर की प्रदर्शित प्रतिकृति का भी अवलोकन किया। गैलरी में डिजिटल तकनीक के माध्यम से विभागीय कार्यों एवं नवाचारों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।