इंदौर से करीब 70 किलोमीटर दूर जलूद में 300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सोलर प्लांट का काम पूरा हो चुका है। इसका लोकार्पण अगले महीने होने की संभावना है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री के इंदौर दौरे के दौरान भी इस प्रोजेक्ट पर बातचीत हो सकती है।
नगर निगम द्वारा तैयार किए गए इस 60 मेगावाट सोलर पार्क से हर माह करीब 5 करोड़ रुपये की बिजली बचत होगी। नर्मदा जल को इंदौर तक लाने के लिए इसी सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। वर्तमान में इस कार्य के लिए हर माह करीब 3 करोड़ यूनिट बिजली की आवश्यकता होती है, जबकि सोलर प्लांट से प्रतिदिन लगभग 60 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होगा।
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यह प्रोजेक्ट करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुआ था, जो अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। नगर निगम ने इसके लिए ग्रीन बॉन्ड जारी किए थे। नर्मदा नदी के पास 200 एकड़ भूमि पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। साथ ही पॉवर ट्रांसमिशन लाइनों और 132 केवी सब-स्टेशन का कार्य भी पूरा हो चुका है।
करीब 200 एकड़ क्षेत्र को सात अलग-अलग सेक्टर में विभाजित कर सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं। यहां से उत्पादित बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने की टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।
नगर निगम का अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट पर खर्च की गई राशि करीब 10 साल में वसूल हो जाएगी। वर्तमान में निगम को हर माह लगभग 20 करोड़ रुपये का बिजली बिल चुकाना पड़ता है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार यह प्रोजेक्ट नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। ग्रीन बॉन्ड के जरिए इस तरह का सोलर प्रोजेक्ट लाने वाला इंदौर देश का पहला शहर है। जल्द ही इसका लोकार्पण किया जाएगा।