इंदौर जिले में कलेक्टर कार्यालय में आम लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए चक्कर काटना पड़ते है। नामांतरण सीमांकन जैसे काम भी समस्य सीमा में नहीं होते है। अफसरों के बाबू दस्तावेजों की कमी बताकर काम अटकाते है।
सोमवार को जब टीएल मिटिंग की बैठक कलेक्टर आशीष सिंह ने ली तो लंबित केसों को देखकर अफसरों पर नाराज हो गए। उन्होंने अफसरों से पूछा कि राजस्व केस समयसीमा में किस वजह से पूरे नहीं हो रहे है।
जिम्मेदार अफसर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों को देखा और सिमरोल तहसीलदार, सांवेर तहसीलदार, राऊ के अतिरिक्त तहसीलदार, खुडैल तहसीलदार, बिचौली हप्सी तहसीलदार, मल्हारगंज तहसीलदार और खुडैल, बिचौली हप्सी और मानपुर के नायब तहसीलदार पर पेनाल्टी लगा दी।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के केसों को भी देखा। अफसरों से उन्होंने कहा कि कई केसों को पचास दिन से ज्यादा का समय हो गया है। उनके निराकरण क्यों नहीं हुए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के केसों को लंबित रखने वाले अफसरों से कहा कि वे उन पर भी पेनाल्टी लगाई जाएगी। साथ ही उन्होंने शिविर लगाकर लंबित प्रकरणों के केस प्राथमिकता से निपटाने को कहा है।
संभाग के जिलों में चलेंगे मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान
इंदौर संभाग के सभी जिलों में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान लगाए जाएंगे। यह अभियान 10 दिसंबर से शुरू होंगे। इसे लेकर संभागायुक्त दीपक सिंह ने अफसरों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान जनता से जुड़े कामों को प्राथमिकता से करे। उन्होंनें शाम को वीडियो काॅफ्रेन्स के जरिए जिला कलेक्टरों से बात की। इस अभियान में हितग्राही मूलक योजना, लक्ष्य आधारित योजना और 64 सेवाअेां लोगों को लाभ दिया जाएगा।