जाम जानलेवा साबित हो चुके इंदौर के बाइपास पर लगे जाम को लेकर जब हल्ला मचा तो केबिनों ट्रैफिक सुधार के लिए बैठकें करने वाले अफसर बैैठक जाम खुलवाने दौड़े। इंदौर में भोपाल के जो अफसरों बैठकों में शामिल होने आए थे। लौटते समय जब वे जाम में फंसे तो अधिनस्थ अफसरों को उन्होंने झाड़ा। नतीजा शनिवार सुबह से ही अमला मौके पर जा पहुंचा। 48 बाद इंदौर देवास बाइपास को महाजाम से निजात मिल पाई। इस मार्ग के ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर भेजा गया।
सोशल मीडिया पर मैसेज चलवाए गए कि जाम से अब लोगों को राहत मिल रही है, लेकिन हकीकत यह थी कि लगातर दूसरे दिन भी वाहन रेंगते रहे। महाजाम के बीच अर्जुन बड़ौद गांव के पास सर्विस रोड पर गड्ढों में गिट्टी भरवाई गई और उसे दबाने के लिए बुलडोजर चले। इस कवायद का हल्का असर शाम को नजर आया। तीन-चार घंटे फंसने वाले वाहन एक-दो घंटे में निकलने लगे।
वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की तरफ मोड़ा
अर्जुन बड़ोद में दो दिन से लगा जाम बहला हो सके। इसके लिए मानपुर, देवगुराडि़या पर भारी वाहनों को रोका गया। चारपहिया वाहनों को भी उज्जैन होकर देवास की तरफ जाने का विकल्प दिया जा रहा था। अफसरों की कोशिश यही थी कि ब्रिज के आसपास वाहनों की कतार न लगे और घंटे से फंसे वाहन निकल सके,हालांकि शाम तक अर्जुन बड़ौद गांव के आसपास वाहनों की कतार नजर आई।
इसलिए लगा महाजाम
इंदौर-देवास बाइपास पर अर्जुन बड़ौद गांव पर ब्रिज बनाया जा रहा है। मुख्य मार्ग को निर्माण कार्यों के चलते बंद कर दिया गया है। दोनो तरफ वाहनों को सर्विस रोड पर परिवर्तित कर दिया गया है। पचास फीट चौड़े सर्विस रोड पर वाहन वैसे ही स्पीड से नहीं निकल पाते है। फिर पीछे से आ रहे वाहनों की कतार लग जाती है। बारिश में सर्विस रोड पर बड़े गड्ढे हो गए। भारी ट्रक गड्ढों में न फंसे, इसलिए चालक धीरे-धीरे उन्हें निकालने लगे। इस कारण ट्रैफिक की गति और धीमी हो गई। इसके चलते दिनभर बाधित होने वाला ट्रैफिक महाजाम में तब्दील हो गया।