फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंदौर: रात में 20 डिग्री से नीचे उतरा पारा फिर भी क्यों छूट रहे पसीने, जानिए मौसम का अजीब खेल

Mon, 05 Oct 2026 09:10 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे रहने के बावजूद उमस और गर्मी बनी हुई है। आठ साल बाद ठंड समय पर आ रही है और 10 अक्टूबर से ठंडक बढ़ने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने से बारिश की संभावना जताई गई है।
विज्ञापन
इंदौर में दिन में तेज गर्मी पड़ रही है। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर में बीते एक सप्ताह से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और रात का पारा 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। इसके बावजूद शहरवासियों को उमस और दिन की तेज गर्मी से खास राहत नहीं मिल पा रही है। रात 11 बजे के बाद भी हल्की ठंडक का अहसास नहीं हो रहा है, जबकि सामान्य तौर पर तापमान 20 डिग्री से नीचे आने पर गुलाबी ठंड शुरू हो जाती है। दूसरी ओर दिन का अधिकतम तापमान लगातार 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है। विमानतल स्थित मौसम केंद्र के अनुसार रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। यह आंकड़ा इससे पहले दर्ज किए गए 35.7 डिग्री से भी 0.1 डिग्री अधिक था। वहीं सोमवार को दिन का तापमान 35.3 डिग्री और रविवार रात का न्यूनतम पारा 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन


8 वर्षों के बाद समय पर ठंड का आगमन
मौसम के आंकड़ों के अनुसार आठ वर्षों के बाद ऐसा अवसर आया है जब ठंड तय समय पर दस्तक दे रही है। हालांकि कागजों और आंकड़ों में रात का तापमान 16 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर वैसी ठंडक महसूस नहीं की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का आकलन है कि 10 अक्टूबर के बाद सूर्यास्त जल्दी होने लगेगा और इसके साथ ही ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से ठंड का अहसास होने लगेगा।

इस वजह से लग रही है गर्मी
दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद अब हवा का रुख बदलने लगा है। उत्तर-पूर्वी हवाएं चलने के साथ ही धीरे-धीरे वातावरण में ठंडक घुलने लगेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में हवा की गति काफी सुस्त है और यह लगातार भी नहीं चल रही है। इसी वजह से अक्टूबर के शुरुआती दिनों में लोगों को सामान्य से अधिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। भले ही मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन हवा में नमी और उमस का स्तर अभी भी 60 प्रतिशत तक बना हुआ है। जब यह नमी घटकर 50 प्रतिशत से कम हो जाएगी, तब लोगों को ठंड महसूस होने लगेगी।
विज्ञापन


अक्टूबर माह में बारिश का पुराना रिकॉर्ड
विगत 10 वर्षों का रिकॉर्ड देखा जाए तो अक्टूबर में मानसून की विदाई के बावजूद बारिश होती रही है। वर्ष 2024 ही एक ऐसा साल रहा था जिसमें इस माह में बारिश दर्ज नहीं की गई थी, जबकि पिछले वर्ष अक्टूबर में लगभग 5 इंच बारिश हुई थी। मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसके आगे बढ़कर राज्य में प्रवेश करने पर पुनः बारिश की संभावना बन सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें