मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर पूरे प्रदेश में महसूस किया जा रहा है। अगले दो दिनों तक (17-18 दिसंबर तक) शीतलहर का प्रभाव जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 17-18 दिसंबर के बाद ठंड में थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। इंदौर में शनिवार को दिन का तापमान 24.4 डिग्री और रात का तापमान 8.9 डिग्री रहा। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि उत्तर भारत से चलने वाली बर्फीली हवाओं की वजह से पूरा प्रदेश ठिठुर रहा है। रविवार को भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
शीतलहर और कोल्ड डे का अलर्ट
भोपाल, इंदौर समेत 36 जिलों में शीतलहर और कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया गया है। शाजापुर, सीहोर, विदिशा, रायसेन, जबलपुर और शहडोल में ऑरेंज अलर्ट जारी है। विदिशा, रायसेन, शाजापुर, और सीहोर में बर्फ जमने की संभावना है।
सबसे ठंडे स्थान
पचमढ़ी में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। उमरिया में 2.8 डिग्री और मंडला में 3 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल और जबलपुर क्रमशः 4.2 और 4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रमुख शहरों में सबसे ठंडे रहे।
ठंड का कारण
उत्तर भारत से बर्फीली हवाओं के आने और पश्चिम-उत्तर भारत में 222 किमी/घंटा की गति से चल रही सब-ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण प्रदेश में ठंड का असर अधिक हो गया है।
क्षेत्रवार चेतावनी
शीतलहर वाले जिले: मंदसौर, रतलाम, बड़वानी, देवास, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, कटनी, उमरिया, सिवनी, मंडला, अनूपपुर, सिंगरौली।
कोल्ड डे वाले जिले: इंदौर, सीधी, नरसिंहपुर, राजगढ़, बैतूल, धार, उज्जैन, नीमच।
पेड़-पौधों पर बर्फ जमने की संभावना बढ़ गई
ठंड के कारण पेड़-पौधों पर बर्फ जमने की संभावना बढ़ गई है, जिससे कृषि पर भी असर पड़ सकता है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ठंड से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में थोड़ी राहत की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े और उचित इंतजाम करना आवश्यक है।