इंदौर के भंवरकुआं क्षेत्र स्थित एक निजी हॉस्टल में रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका का शव कमरे में फंदे पर लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को घटनास्थल से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
मूल रूप से सिवनी की रहने वाली थी मृतका
भंवरकुआं थाना पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 20 वर्षीय जूलिया पुत्री शैलेंद्र उइके के रूप में हुई है। वह मूल रूप से सिवनी जिले के पास स्थित लखनादौन की रहने वाली थी। इंदौर के भंवरकुआं इलाके में रहकर वह संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रही थी। शनिवार शाम को वह अपने कमरे में फंदे पर लटकी हुई मिली, जिसके बाद हॉस्टल प्रबंधन ने तुरंत उसके परिजनों को इस घटना की जानकारी दी।
हॉस्टल संचालिका और युवक पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप
मृतक छात्रा के माता-पिता ने हॉस्टल संचालिका और एक युवक पर उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक जूलिया मई 2026 में देवेंद्र नगर स्थित इस हॉस्टल में रहने के लिए आई थी। इस हॉस्टल में गर्ल्स विंग की जिम्मेदारी स्वाति नामक युवती संभालती थी जबकि बॉयज विंग की देखरेख शुभम जायसवाल करता था। परिजनों का कहना है कि शुभम अक्सर स्वाति से बातचीत करने के लिए गर्ल्स हॉस्टल के अंदर आ जाता था, जिसका जूलिया ने कड़ा विरोध किया था।
आपत्ति जताने पर हुआ था विवाद
परिजन ने बताया कि शुभम के गर्ल्स हॉस्टल में आने पर आपत्ति जताए जाने के बाद जूलिया और हॉस्टल संचालिका स्वाति के बीच तीखी बहस हुई थी। बात बढ़ने पर जब हॉस्टल प्रबंधन ने जूलिया को कमरा खाली करने और हॉस्टल से बाहर निकालने की बात कही, तो डरी हुई छात्रा ने इस पूरी घटना की जानकारी फोन पर अपने परिवार को दी थी। इसके दो या तीन दिन बाद जूलिया की एक बार फिर से स्वाति और शुभम के साथ कहासुनी हुई थी, इस दौरान मृतका के पिता ने फोन पर स्वाति से बातचीत भी की थी।
घटना से एक दिन पहले मां से हुई थी बात
जूलिया की मां ने रोते हुए बताया कि शुक्रवार को उनकी अपनी बेटी से फोन पर लंबी बातचीत हुई थी। उस दौरान जूलिया ने उन्हें बताया था कि वह 3 नवंबर को अपने घर लखनादौन वापस आ जाएगी। इसके अगले दिन यानी शनिवार दोपहर से परिजन लगातार उसे फोन कर रहे थे। परिवार ने दोपहर से शाम 4 बजे तक कई बार कॉल मिलाया, लेकिन जूलिया की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला और फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके कुछ ही घंटों बाद शाम को हॉस्टल प्रबंधन की ओर से परिजनों को उसकी मौत की खबर दी गई।
पुलिस कर रही है सभी पहलुओं से मामले की जांच
आपको बता दें कि मृतका जूलिया के परिवार में उसके अलावा 2 बहनें और 2 भाई हैं। बेटी की अचानक इस तरह मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए फिलहाल माता-पिता द्वारा लगाए गए तमाम गंभीर आरोपों के आधार पर हर एक बिंदु की बारीकी से जांच की जा रही है।