नगर निगम सभागृह में दस घंटे चले बजट सम्मेलन के दौरान मुस्लिम पार्षदों द्वारा निगम परिसर में नमाज पढ़ने का मुद्दा गरमा गया है। सभापति ने कहा कि पार्षदों को न तो बजट सत्र के दौरान अवकाश पढ़ने के लिए अवकाश दिया गया और न ही अनुमति दी। नमाज पढ़ने में शामिल रुबीना इकबाल खान ने कहा कि -‘अनुमति का प्रश्न कहां उठता है। हमने तो सदन को बताया था कि हमें नमाज पढ़ना है।
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तब सभापति और मेयर क्यों नहीं बोले कि यहां नमाज मत पढ़ना। मुझे क्या पता था कि इस पर इतना बवाल होगा। हमने नमाज ही पढ़ी है कोई आतंकवादी थोड़ी थे कि हम बम लेकर गए थे या परिसर को उड़ाने की तैयारी थी। हर बात पर रोक लगाना ठीक नहीं है।’ इस मामले में सभापति मुन्ना लाल यादव ने बताया कि नमाज के लिए बैठक नहीं की गई। भोजन अवकाश दिया गया था। निगम परिसर में नमाज पढ़ने के लिए किसी भी प्रकार कोई अनुमति नहीं दी गई। सभापति ने कहा कि निगम परिषद बैठक के दौरान हमेशा की तरह आमतौर पर दोपहर 1.30 से 2 बजे के मध्य लंच ब्रेक होता है उसी परम्परा अनुसार दोपहर दो बजे लंच ब्रेक किया गया था।
यह था मामला
शुक्रवार को नगर निगम के अटल बिहारी वाजपेयी हाॅल में बजट सत्र पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने बजट से जुड़े मुद्दों पर बहस की। उन्होंने जुम्मे की नमाज पढ़ने का हवाला देकर अवकाश मांगा। सभापति ने 45 मिनट का भोजन अवकाश दिया। इस दौरान मुस्लिम पार्षदों ने भोजन से पहले निगम परिसर में ही नमाज पढ़ी। जिस पर शनिवार को चर्चा होती रही।