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Indore News: कुलगुरु की कार रोकने पर तीन के खिलाफ मामला दर्ज, कांग्रेस के पूर्व नेता और दो कर्मचारी के नाम

Mon, 26 May 2025 08:42 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: कुलगुरु बोले आंदोलन के पीछे बाहरी तत्वों का हाथ, कर्मचारियों की जायज मांगों को माना जाएगा, बात करने के लिए बुलाया पर आए नहीं। 
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DAVV - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
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देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में बीते दिनों हुए प्रदर्शन के दौरान कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई की कार रोके जाने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें एक पूर्व कांग्रेस नेता अजय चौरड़िया भी शामिल हैं। पुलिस ने विश्वविद्यालय के कर्मचारी दीपक सोलंकी और सोहेल परवेज को भी आरोपी बनाया है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आनंद यादव ने बताया कि 17 मई को विश्वविद्यालय स्टाफ की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान कुलगुरु की आधिकारिक कार को जबरन रोका गया और उन्हें वाहन से उतरने के लिए मजबूर किया गया। कुलगुरु की शिकायत पर तीनों के खिलाफ भंवरकुआं थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 532/25, 221, 126, 296 और 351 के तहत मामला दर्ज किया है।
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कुलगुरु बोले आंदोलन के पीछे बाहरी तत्व
कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने आरोप लगाया कि इस आंदोलन के पीछे बाहरी लोगों का हाथ है। उन्होंने कहा कि इन बाहरी तत्वों द्वारा प्रदर्शनकारियों को आर्थिक मदद दी जा रही है, भोजन, चाय-नाश्ते की व्यवस्था की जा रही है और टेंट का खर्च भी वही उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें से एक व्यक्ति नियमित रूप से आंदोलन में बैठता है, जबकि उसका विश्वविद्यालय से कोई संबंध नहीं है। डॉ. सिंघई ने कहा कि प्रशासन ने कर्मचारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मिले। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की जो भी वाजिब मांगें होंगी, उन्हें पूरा किया जाएगा।

कर्मचारी 2 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्ववित्तपोषित संस्थानों के गैर-शिक्षकीय कर्मचारी संघ ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर 2 मई से तक्षशिला परिसर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की हुई है। 17 मई को जब कुलगुरु डॉ. सिंघई एक कार्यक्रम से लौट रहे थे, तब हड़ताली कर्मचारियों ने उनकी कार को घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। कुछ कर्मचारी कार के सामने बैठ गए और विरोध जारी रखा।
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पैदल निकले कुलगुरु, बंद किया गया मुख्य गेट
जब काफी देर तक बातचीत नहीं हुई, तो कुलगुरु कार से उतरकर पैदल ही कैंपस के बाहर जाने लगे। इस दौरान एक व्यक्ति ने मुख्य गेट बंद कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कुलगुरु ने खुद गेट खोला और परिसर से बाहर निकल गए। बाहर निकलते समय भी प्रदर्शनकारियों ने उनका पीछा कर मुख्य गेट तक नारेबाजी जारी रखी। इस घटना की आलोचना अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इकाई ने भी की है।
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