पुलिस को यह भी पता चला है कि सौरभ बनर्जी ने सात साल पहले हांगकांग की यात्रा भी की थी। उसके पास एक कार, आईपैड, महंगे मोबाइल है। पुलिस ने उसके आपराधिक रिकार्ड की जानकारी जुटाई है। उस पर दिल्ली में वर्ष 2010 में धोखाधड़ी का केस दर्ज हो चुका है।
बगैर पंजीयन के क्लिनिक का संचालन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ट्री हाउस में जाकर पड़ताल की। वहां एक्सपायरी डेट की दवाइयां मिली और कुछ प्रतिबंधित इंजेक्शन भी दल को मिले हैं। सौरभ का संगठन क्लिनिक संचालित करता था और इंदौर के डाॅक्टरों के साथ वर्चुअली क्लिनिक से ग्रामीणों को जोड़कर इलाज की सुविधा देता था। उसका पंजीयन भी स्वास्थ्य विभाग में कराया नहीं गया था। ट्री हाउस में एक आटा चक्की भी मिली। ग्रामीणों को वहां मुफ्त में गेहूं पीस कर दिया जाता था।