साइलेंसरों को बुलड़ोजर से रौंदा गया।
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इंदौर के विजय नगर की सड़क पर सोमवार को आधा किलोमीटर लंबाई में साइलेंसर और हूटर बिछाए गए थे। बुलड़ोजर तैयार था, उन्हें रौंदने के लिए। अफसरों का इशारा हुआ और देखते ही देखने बुलड़ोजर ने उन साइलेंसरो व हूटरों को चकनाचूर कर दिया, जो कभी दंबगों और बिगड़े नवाबजादों की बाइकों की शोभा बढ़ाते थे और अन्य वाहन चालकों के तनाव की वजह बनते थे। डेढ़ साल में तीसरी पर इस तरह का एक्शन ट्रैफिक पुलिस ने लिया है। दो माह से शहरभर में मुहिम चलाकर ट्रैफिक जवानों ने इन साइलेंसरों व हूटरों को बाइक व चार पहिया वाहनों से निकलवाया था।
शहर की सड़कों पर कई बार गोली जैसी आवाज निकालते हुए बाइक सवार चलते थे। उन्होंने मोडिफाई साइलेंसर लगा रखे थे। इससे सड़क पर चलने वाले दूसरे वाहन चालक घबरा जाते थे। पुलिस ने चैकिंग के दौरान इन वाहनो को रोका और साइलेंसर निकलवा कर एकत्र किए थे। इस बार सायरन बजाने वाले हूटर भी रौंदे गए।
शहर में इस साइलेंसरों कीमत डेढ़ से दो हजार तक है। वाहन चालक रौब झाड़ने के लिए अपनी बुलेट में उसे लगवाते है। ट्रैफिक पुलिस ने पहले हिदायत दी थी कि वाहन चालक वाहनों से उन्हें निकलवा ले। यदि चैंकिंग में वाहन पकड़ाए तो साइसेंसर जब्त भी होंगे और चालान भी बनेगा।
दो माह चले अभियान में डेढ़ हजार से ज्यादा साइसलेंसर और हूटर जब्त हुए थे। उन्हें सोमवार को दो-दो की कतार में रखा गया और उसे बुलड़ोजर चलाकर नष्ट किया गया। इसे देखने के लिए कई लोग मौके पर जुटे थे। कई युवक रील भी बनाते नजर आए।