भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने इंदौर में काॅपर केबल तकनीक के लैंडलाइन कनेक्शन बदलने में कछुआ चाल अपना रखी है। इंदौर में 11 हजार काॅपर केबल तकनीक वाले लैंडलाइन की सुविधा बीएसएनएल बंद कर रहा है, क्योंकि उनका संचालन कंपनी को महंगा साबित पड़ रहा है। इंदौर के 11 हजार कनेक्शनों को ऑप्टिकल फाइबर में शिफ्ट करने के लिए तीन माह का समय दिया गया था, जो पूरा हो चुका है, लेकिन अभी सिर्फ तीन हजार कनेक्शन ही बदले जा सके हैं। दूसरी कंपनियां एक दिन में नया कनेक्शन कर देती है, लेकिन बीएसएनएल एक काॅपर केबल कनेक्शन की शिफ्टिंग में ही सात से दस दिन का समय लगा रहे हैं। 11 हजार कनेक्शनों में से दो हजार कनेक्शन बीएसएनएल विभाग के कर्मचारियों के यहां हैं, लेकिन उनके कनेक्शन भी पूरे नहीं बदले जा सके हैं। शहर में काॅपर तकनीक वाले जो 11 हजार कनेक्शन हैं। उनके रखरखाव के लिए कंपनी को शहर में 30 एक्सचेंज संचालित करना पड़ रहे हैं। उनके रखरखाव पर ही कंपनी को तगड़ा खर्च करना पड़ रहा है। इस कारण बीएसएनएल काॅपर केबल लाइन कनेक्शन बंद कर कनेक्शनधारियों को ऑप्टिकल फाइबर में कनेक्शन शिफ्ट करने का विकल्प दे रहा है, हालांकि ऑप्टिकल फाइबर प्लान उपभोक्ता को महंगे साबित हो रहे हैं। इसके बावजूद जो उपभोक्ता नए प्लान को ले रहे हैं, उन्हें कई दिनों तक शिफ्टिंग का इंतजार करना पड़ रहा है। कंपनी ने कनेक्शन बदलने का काम निजी हाथों को सौंप रखा है और ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। उन पर अफसर निगरानी भी नहीं रख रहे हैं। इंदौर में तीन माह में 11 हजार कनेक्शन बदलने की मियाद दी गई थी, लेकिन जिस हिसाब से काम हो रहा है, उससे तो सालभर से ज्यादा का समय लग जाएगा। काम जल्दी पूरा करने को कहा है बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक संजीव सिंघल ने कहा कि इंदौर में 11 हजार कनेक्शन बदलना है। एजेंसी को काम जल्दी पूरा करने को कहा गया है, ताकि उपभोक्ता परेशान न हो। काम पूरा होने के बाद कंपनी भी शहर में 30 एक्सचेंज बंद कर देगी। कनेक्शन बदलने के काम की माॅनिटरिंग की जाएगी।