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Indore: भागीरथपुरा दूषित पानी कांड का असर इंदौर के पर्यटन पर, टूर हुए कैंसल

Sat, 10 Jan 2026 08:09 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 18 मौतों ने न केवल स्वच्छता के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि अब इसका सीधा असर शहर की अंतरराष्ट्रीय छवि और पर्यटन व्यवसाय पर भी दिखने लगा है।
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इंदौर शहर। - फोटो : अमर उजाला
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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई 18 मौतों की चर्चा अब देश के साथ-साथ विदेशों में भी होने लगी है। विदेशी मीडिया में सुर्खियां बनने के कारण इसका सीधा असर इंदौर के पर्यटन क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। हाल ही में इंदौर के दो बड़े टूर निरस्त हो गए हैं और जो पर्यटक शहर आ रहे हैं, वे भी यहां के पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंतित नजर आते हैं। आमतौर पर महेश्वर और ओंकारेश्वर जाने वाले पर्यटक इंदौर भी घूमने आया करते हैं, लेकिन  उनकी संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही कांग्रेस ने भी इंदौर के स्वच्छता अवार्डों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

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भागीरथपुरा में 26 दिसंबर से मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हुआ था, जिसके बाद मौतों की खबरें सामने आईं। इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है, लेकिन दूषित पानी की इस घटना ने शहर की छवि को प्रभावित किया है। कांग्रेस ने इस विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाया है, जिससे पर्यटन क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।


इंदौर ट्रेवल्स एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार, मॉरीशस से अधिकारियों का एक दल जनवरी के पहले सप्ताह में इंदौर आने वाला था, जिसे रद्द कर दिया गया। इसी तरह बेंगलुरु से मध्य प्रदेश भ्रमण पर आने वाले एक समूह ने भी अपनी बुकिंग निरस्त करा दी है। दिसंबर और जनवरी के महीने पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन इस बार पर्यटकों की आमद कम है।

भागीरथपुरा मुद्दे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि गंदे पानी के कारण हुई ये मौतें एक बड़ा सबक हैं। उन्होंने बताया कि बस्ती में पेयजल लाइन बिछाने के प्रस्ताव लंबे समय से लंबित थे, जिन्हें समय पर लागू करने में विफलता हाथ लगी। विजयवर्गीय के अनुसार, वर्षों की मेहनत से शहर ने जो पहचान बनाई थी, इस घटना से उस पर दाग लगा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर इस दुखद घटना को लेकर बैठा नहीं रह सकता। इंदौर की प्रगति हमेशा सामूहिकता से हुई है और इस हादसे के बाद शहर का गौरव वापस लौटाने के लिए नए सिरे से संकल्प लिया जाएगा।

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