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Indore: देश के सबसे साफ शहर इंदौर की आबो हवा प्रदूषित, धूल, धुआं बना परेशानी

Wed, 22 Oct 2025 03:02 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

 सात स्थानों पर ब्रिज का काम चल रहा है। वहीं मेट्रो व अन्य निर्माण भी हो रहे है। इससे धूल की मात्रा बढ़ जाती है। पहले इंदौर के बड़े मार्गों पर मशीनों से सफाई होती थी। अब सीमित मार्गों पर मशीनों का उपयोग हो रहा है।
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प्रदूषण की स्थिति - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इंदौर देश के सबसे साफ शहरों में सबसे पहले क्रम पर है, लेकिन प्रदूषण कम नहीं होता। दीपावली पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 के करीब रहा, जो खतरनाक स्थिति मानी जाती है। श्वास के रोगियों के लिए इस दूषित हवा ने परेशानी और बढ़ाई। दीपावली के दूसरे दिन मंगलवार को भी रीगल तिराहे पर एक्यूआई 319 था। शहर में अमावस्या मंगलवार तक थी।

इस कारण आतिशबाजी दूसरे दिन भी हुई। इसके अलावा सामान्य दिनों में भी इंदौर की आबोहवा ठीक नहीं रहती है। खासकर शाम के समय प्रमुख मार्गों पर चलने वाले लोगों को प्रदूषित हवा का एहसास सांसे लेने पर होता है। मंगलवार को शहर के मध्य हिस्से में पीएम-10 का मात्रा 123 रही, जबकि पीएम-2.5 का 76.39 रहा। इसकी तुलना में रीजनल पार्क व एयरपोर्ट रोड की आबोहवा तुलनात्मक रप से ठीक रही।

इसलिए इंदौर में होता है ज्यादा प्रदूषण

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इंदौर में प्रति हजार लोगों में सबसे ज्यदा वाहन है। इस मामले में इंदौर देश में पहले स्थान पर है। एक हजार लोगों पर देश में 617 वाहन है। इस कारण इंदौर में ट्रैफिक जाम की समस्या सबसे ज्यादा बढ़ रही है। शाम के समय शहर के कई मार्गों पर ट्रैफिक जाम होता है। इस कारण प्रदूषण बढ़ जाता है।

इसके अलावा शहर में सात स्थानों पर ब्रिज का काम चल रहा है। वहीं मेट्रो व अन्य निर्माण भी हो रहे है। इससे धूल की मात्रा बढ़ जाती है और वातावरण में धूल के कणों की मात्रा बढ़ जाती है। पहले इंदौर के बड़े मार्गों पर मशीनों से सफाई होती थी। मशीन सड़क के डिवाइडर किनारे की धूल भी साफ कर देती थी, लेकिन अब सीमित मार्गों पर मशीनों का उपयोग हो रहा है। इस कारण कुछ मार्गों पर धूल के कारण वाहन चालक परेशान रहते है।

हरियाली बढ़ाना चाहिए

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पर्यावरणविद डाॅ. दिलीप वाघेला का कहना है कि मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट का प्रतिशत 14 है, लेकिन वास्तविक रुप से शहर में 9 प्रतिशत से भी कम हरियाली है। जिन शहरों में हरियाली ज्यादा है। वहां प्रदूषण कम मिलता है। इंदौर के कई इलाकों में काफी कम हरियाली बची है। शुद्ध हवा के लिए शहर में सिटी फारेस्टों की संख्या बढ़ाई जाना चाहिए।

 

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