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Indore: नल के पानी से तौबा,ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए अब मिनरल वॉटर से बन रही चाय

Sat, 03 Jan 2026 08:16 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण हुई 15 मौतों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।ग्राहकों का खोया हुआ भरोसा वापस पाने के लिए चाय दुकानदारों ने अब बोतलबंद मिनरल वॉटर से चाय बनाना शुरू कर दिया है।
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दूषित पानी से प्रभावित भागीरथपुरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से पंद्रह लोगों की मौत होने के बाद अब वहां के रहवासी नल के पानी का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। हालांकि रोज सुबह नल आते हैं, लेकिन लोग पानी नहीं भरते। नगर निगम ने इसके विकल्प के तौर पर इलाके में टैंकर लगा रखे हैं।

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वहीं दूसरी ओर, बस्ती के चाय दुकानदारों की ग्राहकी भी इस संकट के कारण काफी कम हो गई थी। ग्राहकों का विश्वास फिर से जीतने के लिए दुकानदारों ने चाय बनाने के लिए मिनरल वॉटर का उपयोग शुरू कर दिया है। वे खरीदा हुआ बोतलबंद पानी केतली में डालकर गर्म कर रहे हैं और फिर उसमें दूध मिलाकर चाय तैयार कर रहे हैं।

दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानों पर बस्ती के लोगों के अलावा पोलोग्राउंड इंडस्ट्री की तरफ जाने वाले लोग भी चाय-पोहा खाने रुकते हैं, लेकिन बीते एक सप्ताह से ग्राहकी में गिरावट आई है। लोगों को डर है कि भागीरथपुरा का पानी पीकर वे भी बीमार न पड़ जाएं। दुकानदार सूरज वर्मा ने बताया कि पहले पानी की दो-तीन पेटियां बिकती थीं, लेकिन अब सप्ताह भर से इनकी खपत तिगुनी हो गई है।



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बस्ती के लोग भी दुकानों से पानी खरीदकर ले जा रहे हैं। होटल पर नाश्ता करने आने वाले पुराने ग्राहकों को भी दुकानदार बोतलबंद पानी के सेवन की ही सलाह दे रहे हैं। सूरज के अनुसार, उन्होंने चाय में भी बोतलबंद पानी का इस्तेमाल शुरू किया है, जिसे देखकर बस्ती की अन्य दुकानों ने भी यही तरीका अपनाया है। दुकानदारों का मानना है कि इस कदम से अब ग्राहकी फिर से बढ़ने लगी है।

नगर निगम के अधिकारी भागीरथपुरा पानी की टंकी से होने वाली सप्लाई के दौरान लगातार सैंपल ले रहे हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि दूषित पेयजल के अन्य स्रोतों का पता लगाया जा सके। अब तक प्राप्त हुई एक रिपोर्ट में जानलेवा बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई है।

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