महापौर परिषद बैठक में नंदानगर में स्पोटर्स काम्प्लेक्स बनाने का भी फैसला लिया गया। इसकी लागत 15 करोड़ रुपये आएगी। यह काम्पलेक्स उस जगह बनेगा, जहां पहले हाऊसिंग बोर्ड ने कम्यूनिटी हाॅल बनाया था। जर्जर होने के कारण उसे तोड़ दिया गया है
तीन साल बाद उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ मेले के लिए इंदौर में भी तैयारियां शुरू हो गई है। इंदौर की कान्ह नदी शिप्रा नदी में मिलती है। कान्ह नदी दूषित हो चुकी है, वह शिप्रा नदी को गंदा न करे, इसके लिए इंदौर में 417 करोड़ की लागत से तीन स्थानों पर एसटीपी प्लांट बनाए जाएंगे। सोमवार को महापौर परिषद बैठक मेें इसकी मंजूरी दी गई। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत केंद्र सरकार ने यह राशि इंदौर नगर निगम को दी है।
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पूर्व में कान्ह नदी पर छह एसटीपी प्लांट बनाए गए है, जबकि कबीटखेड़ी में 200 करोड़ की लागत से दस साल पहले प्रदेश का सबसे बड़ा एसटीपी प्लांट बन चुका है। नए प्लांट बेगमखेड़ी, लक्ष्मीबाई तिराहा और कबीटखेड़ी में बनाए जाएंगे। कबीटखेड़ी का प्लांट 120 एमएलडी क्षमता को होगा। पहले यहां 300 एमएलडी क्षमता का प्लांट संचालित हो रहा है।
महापौर परिषद बैठक में नंदानगर में स्पोटर्स काम्प्लेक्स बनाने का भी फैसला लिया गया। इसकी लागत 15 करोड़ रुपये आएगी। यह काम्पलेक्स उस जगह बनेगा, जहां पहले हाऊसिंग बोर्ड ने कम्यूनिटी हाॅल बनाया था। जर्जर होने के कारण उसे तोड़ दिया गया है। इसके अलावा मालवा मिल- पाटनीपुरा सड़क के बीच छह करोड़ की लागत से ब्रिज बनाने का भी फैसला लिया गया।
आठ साल पहले यहां 100 फीट चौड़ी सड़क बनाई गई थी, लेकिन तब ब्रिज चौड़ा नहीं हो पाया था। इसके अलावा कुछ इलाकों में सीवरेज लाइन बिछाने, संपवेल निर्माण के कामों को भी मंजूरी दी गई। बैठक में मेयर पुष्य मित्र भार्गव, एमआईसी मेंबर राजेंद्र राठौर, जीतू यादव, बबलू शर्मा सहित अन्य पार्षद व अधिकारी मौजूद थे।