बच्चे भी हो रहे बीमार।
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दस दिन में बिक गई गोलियां
बस्ती में केमिस्ट शॉप चलाने वाले आदर्श सिकरवार का कहना है कि आमतौर पर उल्टी-दस्त की जितनी गोलियाँ छह महीने में बिकती हैं, वे पिछले दस दिनों में ही बिक गईं। लोग लगातार पर्चियाँ लेकर आ रहे थे। जिन लोगों को जल्दी आराम नहीं मिला, वे अस्पतालों में भर्ती हुए।
उन्होंने बताया कि गोलियों की इतनी भारी माँग देखकर वे भी हैरान थे। हालांकि, पिछले एक-दो दिनों से दवा लेने आने वाले मरीजों की संख्या कम हुई है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग ने अब बस्ती में ही दवाएँ मुहैया कराना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि अभी भी रोज नए मरीज सामने आ रहे हैं। अब तक दो मरीजों में हैजे की पुष्टि हो चुकी है और बस्ती में लगभग 354 मरीज डायरिया व अन्य बीमारियों से ग्रस्त हैं।