इंदौर के प्राणी संग्रहालय के सबसे पुराने हाथी मोती को शिफ्टिंग की तैयारी स्टेट हाईपावर कमेटी ने की है। मोती को गुजरात के वनतारा में भेजने को कहा गया है, लेकिन इंदौर के जू प्रबंधन ने मोती की उम्र, उसके स्वभाव को देखते हुए इसे आसान नहीं बताया है। इंदौर से पहले भी वनतारा के लिए वन्य प्राणी एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भेजे जा चुके है।
मोती की उम्र 60 साल से ज्यादा की है। अपने जन्म के कुछ वर्षों बाद ही मोती इंदौर चिडि़याघर में आ गया था। तब से वह यहीं है। वह अक्सर झूमता रहता है। उसका स्वभाव गुस्सैल भी है। 15 साल पहले वह एक महावत को दांत घुसाकर घायल कर चुका है। तब वह बड़ी मुश्किल से काबू में आ सका था।
हाईपावर कमेटी की सिफारिश के जवाब में जू प्रबंधन ने कहा कि उसका स्वभाव गुस्सैल है। वर्षों से वह चिडि़याघर के प्राकृतिक माहौल से परिचित है। इस उम्र में दूसरे शहर में शिफ्ट करने मोती के लिए शारीरिक व मानसिक रुप से ठीक नहीं होगा। उसे परिचित माहौल में रखना चाहिए। उधर मोती अकेला हाथी है। उसका अकेलापन दूर करने के लिए उज्जैन से एक हाथी लाया जा सकता है।
मोती इंदौर के चिडि़याघर परिवार का सबसे वरिष्ठ सदस्य है। वह चिडि़याघर के कर्मचारियों को भी पहचानता है। गुस्सैल स्वभाव के कारण कई बार उसके पैरों को जंजीरों में भी बांध कर रखा जाता है। वह अक्सर सूंड हिलाकर और एक पैर उठाकर दर्शकों का मनोरंजन करता है। वह चिडि़याघर का राजा के नाम से भी पहचाना जाता है।