राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल शुक्रवार को इंदौर आए। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस ज्ञान न दे। कांग्रेस के शासनकाल में चुनाव आयुक्त की नियुक्तियां कैसे होती थी और सेवानिवृत होने के बाद उन्हें किस तरह उपकृत किया जाता था, ये किसी से छुपा नहीं है। कांग्रेसियों को परिवारवाद और दस जनपथ के दायरे से बाहर निकल कर सोचना चाहिए। जनता ने उन्हें खारिज कर दिया है। ज्यादातर चुनाव कांग्रेस हार रही है। इस कारण अब मुद्दों से भटक रही है।
आयोग को लेकर तथ्यों तर्को पर विपक्ष बात नहीं कर रहा। वह सिर्फ झूठ फैला रहा है। संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना ठीक नहीं है। पहले तो चुनाव आयुक्त तय करने के नियम नहीं थे। हमारी सरकार ने हर काम में पारदर्शिता रखी है।
सोशल मीडिया से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया समृद्ध है। कई बार विपक्ष नैरेटिव सेट करने की कोशिश करता है, लेकिन यूजर अब तथ्यों और तर्कों पर भी कंटेंट को तौलता है।
बालाघाट मुद्दे पर अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस का एजेंडा झूठ पर आधारित रहा है। काश राहुल उस समय आते जब बालाघाट नक्सलवाद से जकड़ा हुआ था। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म किया है।
जेन जी के मुद्दे पर अग्रवाल ने कहा कि युवा भी राजनीति से जुड़ा है। चुनावों में युवाओं का वोट प्रतिशत बढ़ा है। इस देश का युवा मंजरे टोलो से उठकर शीर्ष संस्थानों तक गया है। अनुसंधान, स्टार्टअप सहित कई क्षेत्रों में युवाओं की दखल बढ़ी है। युवा देश से जुड़ा है और विकसित भारत बनाने में अपना योगदान भी दे रहा है।