इंदौर में 19 सितंबर को हुई छात्रों की गूंज के लिए प्राधिकरण ने कांग्रेस से 14 लाख रुपये वसूले थे। अब वहीं आईडीए मैदान थोक पटाखा व्यापारियों को दिया जा रहा है, लेकिन इसे लेकर शिकायतें संभागायुक्त कार्यालय पहुंची हैं। इसमें कहा गया है कि राहुल गांधी के आयोजन में जिस तरह राशि की गणना की गई थी, उसके हिसाब से ही पटाखा व्यापारियों से पैसा लिया जाए।
इसके अलावा शिकायत में यह भी कहा गया है कि पिछले साल डेढ़ माह के लिए 40 से ज्यादा थोक पटाखा व्यापारियों को 80 लाख रुपये में जमीन किराए पर दी गई थी, लेकिन किराए के रूप में 20 लाख रुपये ही चुकाए गए। शिकायत में कहा गया है कि इस बार फिर दुकानें देने से पहले पिछले साल का बकाया 60 लाख रुपये व्यापारियों से वसूला जाए।
कांग्रेसी भी दुकानों के किराए पर नजर रखे हुए हैं। आमतौर पर दीपावली त्योहार के दो माह पहले दुकानें लगना शुरू हो जाती हैं, लेकिन इस बार अभी तक इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा ने अनुमति जारी नहीं की है। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय पर अनुमति नहीं मिली तो व्यापार प्रभावित होगा।
उधर, हाल ही में हुए राहुल गांधी के आयोजन के लिए अस्थायी लीज पर जमीन देने के बाद अफसर भी पटाखा व्यापारियों को जमीन देने के मामले में नियमों का पालन करा रहे हैं। संपदा अधिकारी श्यामू श्रीवास्तव ने कहा कि किराए की गणना और अन्य प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
आपको बता दें कि इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र में छह साल पहले पटाखा दुकान में विस्फोट हो गया था। इसके बाद रानीपुरा के पटाखा व्यापारियों को रीजनल पार्क के सामने की खाली जमीन पर अस्थायी दुकानें बनाकर व्यापार करने की अनुमति दी गई थी। इस बार अभी तक इस मामले में फैसला नहीं हो पाया है।