इंदौर के निजी अस्पतालों की होगी जांच।
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अवैध भवन में संचालित हो रहे एक अस्पताल के रजिस्ट्रेशन को लेकर लगी याचिका के मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी किए है। कोर्ट ने सभी निजी अस्पतालों की फायर एनओसी, नक्शे सहित अन्य जांचें करने के निर्देश दिए है। इसके अलावा अवैध अस्पताल के मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने और अस्पताल को सीज करने के निर्देश भी दिए गए है। अब स्वास्थ्य विभाग इस मामले में एक्शन लेने की तैयारी कर रहा है।
हवा बंगला के एक निजी अस्पताल के संचालकों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विभाग से अस्पताल का पंजीयन प्राप्त कर लिया था। कोर्ट ने माना कि अस्पताल का संचालन अवैध रुप से हो रहा है। इसके बाद इस याचिका को जनहित याचिका की तहत सुनने का फैसला लिया गया और अस्पताल के खिलाफ एक्शन लेने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने शहर के अन्य अस्पतालों की जांच करने के लिए भी कहा है।
आपको बता दे कि इंदौर में निजी के अलावा सरकारी अस्पताल भी लापरवाही के मामले में चर्चा में है। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी एमवाय अस्पताल में दो नवजतों के अंग चूहों ने काट दिए। दोनों नवजातों की उपचार के दौरान मौत भी हो गई। इसका मामला भी कोर्ट में है।