इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड को आठ माह हो चुके हैं और अब इस मुद्दे को कांग्रेस फिर हवा देने की तैयारी कर चुकी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इसे फिर उठाने के लिए कहा है, क्योंकि दो साल बाद इस दूषित पेयजल कांड की बरसी है और इसके लिए कोर्ट द्वारा गठित जांच आयोग की रिपोर्ट भी सार्वजनिक की गई है। कांग्रेस नेता कम मुआवजे और अफसरों पर एफआईआर को लेकर कोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी भी कर रहे हैं।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले को लेकर शुक्रवार को भागीरथपुरा के लोगों के साथ कांग्रेस नेताओं ने बैठक भी की है। बैठक में तय किया गया कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस अब पीछे नहीं हटेगी और फिर एक बड़ा आंदोलन होगा।
इसमें पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा, परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई प्रमुख मांग है। इन्हीं मुद्दों को लेकर 4 अक्टूबर को पीड़ित परिवारों से मुलाकात की जाएगी। कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगी।
जांच रिपोर्ट के बाद कोई एक्शन नहीं
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आयोग की जांच रिपोर्ट में अफसरों को दोषी माना गया है, लेकिन अब तक नगरीय प्रशासन विभाग ने दोषी अफसरों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है। जिन अफसरों की लापरवाही के कारण बस्ती में 36 लोगों की मौत हुई, उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए।आपको बता दें कि 600 पेज की रिपोर्ट कोर्ट ने गत दिनों सार्वजनिक की है। यह रिपोर्ट एक माह पहले आयोग ने कोर्ट को सौंपी थी।