सार
इंदौर के रामबाग दशपिंड स्थल पर परिसर में बड़ा हॉल और शेड है। कई परिवारों को उत्तर क्रिया के लिए हॉल की आवश्यकता होती है, लेकिन शहर के मध्य क्षेत्र में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इंदौर के रामबाग दशपिंड स्थल में बना नया हाॅल
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इंदौर के रामबाग में मृत्यु पश्चात उत्तर क्रिया में शामिल होने वाले समाजजनों को अब रसोईघर की सुविधा भी मिलेगी। परिसर में एक हॉल का निर्माण किया गया है, जिसमें रसोईघर की व्यवस्था भी रहेगी। कई परिवारों को उत्तर क्रिया के लिए हॉल की जरूरत होती है, लेकिन उन्हें शहर के मध्य क्षेत्र में यह सुविधा नहीं मिलती है। दशपिंड स्थल पर इंदौर के ज्यादातर महाराष्ट्रीयन समाज के परिवार दसवां करते हैं। मृत आत्मा की शांति के लिए पूजा के बाद कौवे को नैवेद्य बताने के लिए मुक्तिधाम जाते हैं।
दशपिंड स्थल समिति के सुधीर दांडेकर ने बताया कि दस हजार वर्गफीट के परिसर में एक बड़ा हॉल और शेड है। दशपिंड स्थल पर रसोईघर का निर्माण कराया गया है। शुक्रवार को विधायक गोलू शुक्ला ने रसोईघर का शुभारंभ किया।
रसोईघर बनने से उत्तर क्रिया के दौरान आने वाले समाजजनों को भोजन व्यवस्था में सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर विधायक ने दशपिंड स्थल पर एक नए हॉल के निर्माण की घोषणा भी की। हॉल बनने से क्रिया के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा।कार्यक्रम में बाबा साहेब तारनेकर, पार्षद गजानंद गावड़े, पार्षद सुरेश टकलकर, मंडल अध्यक्ष चंद्रभान सिंह सोलंकी, दिलीप माने, दिनेश जोशी सहित अन्य समाजजन मौजूद रहे।
पार्किंग की व्यवस्था नहीं
समिति ने विधायक के समक्ष दशपिंड स्थल की पार्किंग का मुद्दा भी उठाया। परिसर के आसपास कुछ अतिक्रमण भी है। इस कारण वाहनों को पार्क करने में परेशानी आती है। कई लोग तो परिसर के भीतर वाहन ले जाकर खड़े कर देते हैं। चार पहिया वाहनों को ब्रिज के पास पार्क करने आना पड़ता है।