इंदौर में आर-ई-2 सड़क के लिए बाधक ढाई सौ से ज्यादा निर्माण हटाने की कार्रवाई मंगलवार को शुरू हुई। कार्रवाई के दौरान बस्तीवासियों ने अचानक पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने डंडे फटकारकर हंगामा कर रहे लोगों को काबू किया।
इंदौर में आर-ई-2 सड़क में बाधक ढाई सौ से ज्यादा निर्माणों को तोड़ने का काम मंगलवार से शुरू हुआ। सुबह भारी पुलिस बल के साथ अमला दो बस्तियों में पहुंचा और सड़क की जद में आ रहे मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया।
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ज्यादातर मकान कच्चे बने थे और लोगों के पास मकानों के दस्तावेज भी नहीं थे, लेकिन मकान टूटने के कारण वे सड़क पर आ गए। इससे नाराज बस्तीवासियों ने अमले पर पथराव कर दिया। निगम के कर्मचारी पत्थरों से बचने के लिए इधर-उधर भागे। इस बीच पुलिसकर्मियों ने डंडे फटकार कर हंगामा कर रहे बस्ती के लोगों को काबू किया। पथराव में कई नाबालिग भी शामिल थे।
इंदौर में भूरी टेकरी से नायता मुंडला तक मास्टर प्लान में प्रस्तावित आर-ई-2 रोड बन रही है। यह रिंग रोड बायपास के उस ट्रैफिक का दबाव कम करेगी, जो शहर की तरफ आता है। इस सड़क के लिए पहले भी 100 से ज्यादा निर्माण भूरी टेकरी के पास हटाए गए थे, लेकिन मंगलवार को इस सड़क के लिए सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
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मौके पर छह जेसीबी और 100 से ज्यादा श्रमिकों के साथ नगर निगम का अमला पहुंचा। पहले बस्तीवासियों ने कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया, लेकिन अमले के साथ पुलिस बल होने के कारण वे विरोध छोड़कर सामान समेटने में जुट गए।
कई लोगों को घर से बाहर सामान निकालने के लिए निगम के श्रमिकों ने भी मदद की। भारी मन से लोगों ने अपनी गृहस्थी का सामान समेटा। इसके बाद नगर निगम के बुलडोजरों ने मकानों को तोड़ना शुरू किया तो अचानक बस्तीवासी लामबंद हो गए और पत्थर फेंकना शुरू कर दिए। बाधक निर्माण हटा रहे कुछ निगम कर्मचारियों को चोट भी आई। पुलिसकर्मियों ने फिर मोर्चा संभाला और हंगामा कर रहे लोगों को डंडे फटकार कर काबू किया। पथराव में शामिल लोगों की पहचान कर निगम प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।