इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो के रुट का विरोध
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इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो का सर्वे हो चुका है और अब निर्माण शुरू होना है, लेकिन उससे पहले ही विरोध शुरू हो गया है। तिलक नगर, गोयल नगर, पत्रकार कॉलोनी सहित आसपास की कॉलोनियों के रहवासियों ने रविवार को प्रदर्शन किया।
वे बंगाली कॉलोनी चौराहे पर मेट्रो के दफ्तर के सामने खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था- विकास के लिए घरों को मत उजाड़ो। एक पोस्टर पर लिखा था- वार्ड 49 बचाओ, भूमिगत मेट्रो हटाओ।
रहवासियों का कहना है कि वे चाहते हैं कि शहर में मेट्रो का संचालन हो, लेकिन घनी आबादी वाले क्षेत्र से मेट्रो का अंडरग्राउंड रूट न रहे। पहले मेट्रो ट्रेन नाथ मंदिर क्षेत्र से जाने वाली थी, लेकिन बाद में रूट बदल दिया गया। रहवासियों ने मेट्रो ट्रेन के अधिकारियों से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
रहवासियों ने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में कई निर्माण वर्षों पुराने हैं। खुदाई के कारण नींव कमजोर हो सकती है और मकानों में दरारें भी आ सकती हैं। भूमिगत मेट्रो ट्रेन के लिए खुदाई के कारण भविष्य में समस्याएं हो सकती हैं।
रहवासियों ने अधिकारियों से कहा कि खुदाई के लिए टनल बोरिंग मशीन का उपयोग होगा। इससे सैकड़ों बोरिंग सूख सकती हैं। कई बोरिंग टूट भी जाएंगी। इसकी भरपाई कैसे होगी? जिस रूट पर मेट्रो ट्रेन जाएगी, वहां भविष्य में बोरिंग भी नहीं हो पाएंगी।रहवासियों ने कहा कि घनी बसाहट वाले क्षेत्र के बजाय मेट्रो को पहले की प्लानिंग के तहत नाथ मंदिर के पास से ही भूमिगत किया जाना चाहिए। इससे मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत भी कम होगी।