रोहित की नियुक्ति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल।
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प्रदेश सरकार द्वारा मंगलवार को किए गए तबादलों में इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त रहे रोहित सिसोनिया को रायसेन कलेक्टर बनाया गया है। उनकी पदस्थापना पर इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आपत्ति ली है। उनका कहना है कि जिस अफसर को हादसे के लिए जिम्मेदार माना गया है और जांच आयोग की रिपोर्ट में जिसका नाम शामिल है, उसे सरकार ने कलेक्टर बना दिया है। ऐसा कर सरकार ने भागीरथपुरावासियों के साथ मजाक किया है।
हाईकोर्ट द्वारा गठित जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद दूषित पेयजल से मृत लोगों के परिजन दोषियों पर सरकार द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सरकार ने सिसोनिया को कलेक्टर बना दिया। चौकसे ने कहा कि भागीरथपुरा कांड के बाद सरकार ने तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को निलंबित करने की बात कही थी, लेकिन निलंबन आदेश जारी नहीं हुए। उन्हें इंदौर से हटा दिया गया था। भागीरथपुरा में बदले जाने वाले पाइपों की फाइलों में देरी के लिए सिसोनिया जिम्मेदार थे।
सरकार को जनता के बजाय अभी भी अफसरों की चिंता है। भागीरथपुरा के लोग जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने सिसोनिया को कलेक्टर बनाकर इन नागरिकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। राज्य सरकार के इस फैसले से भागीरथपुरा क्षेत्र के नागरिक अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। होना तो यह चाहिए था कि जांच आयोग की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए सिसोनिया के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए था।
कांग्रेस ने इंदौर के आईडीए सीईओ परीक्षित झाड़े को कलेक्टर बनाए जाने पर भी सरकार को घेरा है। चौकसे ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए झाड़े ने सरकार के इशारे पर आईडीए मैदान का किराया 14 लाख रुपये वसूला। झाड़े ने कांग्रेस के कार्यक्रम में परेशानी खड़ी करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। उसका इनाम सरकार ने उन्हें दिया है।