इंदौर-देवास रोड पर हुए जानलेवा जाम का मुद्दा चर्चा में है। जाम को हटाने के लिए अफसरों ने ट्रैफिक दूसरे मार्गों की तरफ मोड़ दिया। इससे ट्रांसपोर्टर नाराज है, क्योंकि उन्होंने अतिरिक्त समय व डीजल लग रहा है। ट्रैफिक जाम की स्थिति अाने वाले दिनों में भी रहेगी,क्योकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इंदौर में एक साथ तीन राष्ट्रीय राजमार्गों के काम खोल दिए है।
इंदौर देश के चार राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा है। देश का सबसे महत्वपूर्ण आगरा-मुबंई राष्ट्रीय राजमार्ग इंदौर से गुजरता है। इसके लिए वर्ष 2000 में बाइपास बनाया गया था। इंदौर से देवास तक के हिस्से को दस साल पहले छह लेन किया गया, लेकिन कम ब्रिज बनाए। अब वहां ब्रिज बनाए जा रहे है। इस कारण 30 किलोमीटर हिस्से में तीन जगह जाम लगता है। सबसे ज्यादा परेशानी अर्जुन बड़ौद गांव में होती है। यहां सर्विस रोड की चौड़ाई कम है।
इसके अलावा इंदौर-इच्छापुर हाईवे का काम भी चल रहा है। चलते निर्माण के बीच ट्रैफिक इंदौर से चोरल, भैरवघाट होते हुए खंडवा की तरफ जाता है। इस मार्ग पर भी आए दिन जाम लगता है। सावन माह में इस मार्ग से कावड़ यात्री निकलते हैै। तब भी भारी वाहनों का ट्रैफिक रोक दिया जाएगा। ट्रकों को खरगोन होते हुए खंडवा की तरफ जाना पड़ता है। इसके अलावा इंदौर-हरदा राजमार्ग का निर्माण भी चल रहा है। एक साथ तीन मार्गों के निर्माण के कारण इंदौर के आसपास बार-बार यातायात बाधित होता है।
इंदौर-उज्जैन रोड के ट्रैफिक का दबाव भी बाइपास पर
इंदौर-उज्जैन स्टेट हाइवे को छह लेन करने का काम भी शुरू हो चुका है। 50 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से राजस्थान और उत्तर प्रदेश के वाहन आते है। मार्ग निर्माण के दौरान ट्रैफिक जाम से बचने के लिए वाहन चालक इंदौर से देवास होकर उज्जैन जा रहे है। इस कारण भी इंदौर-देवास बाइपास पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है।