इंदौर के यशवंत क्लब के सचिव संजय गोरानी और यशवंत क्लब के पूर्व अध्यक्ष परमजीत छाबड़ा उर्फ पम्मी के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने मानहानि नोटिस जारी किया है। राकेश सिंह ने कहा कि दोनों ने शालीनता की सारी हदें पार करते हुए कुलीनों के संस्कारों की धज्जियां उड़ाते हुए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करके अपमानित किया। राकेश सिंह यादव ने शासकीय लीज की भूमि पर बने यशवंत क्लब की अनियमिताओं के संदर्भ में सवाल पूछा था जिस पर दोनों ने जवाब नहीं दिया और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया।
यह कहा था संजय और परमजीत ने
यशवंत क्लब के सचिव संजय गोरानी और पूर्व अध्यक्ष परमजीत छाबड़ा उर्फ पम्मी ने पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव के संदर्भ में बयान जारी करके कहा की यादव खुद की हैसियत देखें। इंदौर शहर के दस लोग भी नहीं पहचानते, कांग्रेस के पांच कार्यकर्ता भी साथ नहीं हैं। सस्ती लोकप्रियता और घटिया राजनीति करते हैं। घटिया और ओछी सोच है।
समर्थकों में नाराजगी
पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने कहा कि उन दोनों के इस कृत्य से छवि को नुकसान हुआ और उनके समर्थकों में रोष है। यादव ने कहा कि सोशल मीडिया पर ही मेरे 45 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इस पर मेरे समर्थक नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इन बातों को षड्यंत्र पूर्वक अखबारों में एक तरफा प्रकाशित किया गया और मेरी छवि को नुकसान पहुंचाया गया।
15 दिन में माफी मांगने को कहा
इस संपूर्ण घटनाक्रम को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने यशवंत क्लब के सचिव संजय गोरानी और यशवंत क्लब के पूर्व अध्यक्ष परमजीत छाबड़ा उर्फ पम्मी पर दस - दस करोड़ की मानहानि करने का नोटिस जारी किया है। इसके साथ 15 दिन का समय समस्त अखबारों, सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से माफी मांगने के लिए दिया है। यादव ने कहा कि अगर 15 दिन में माफी नहीं मांगी गई तो न्यायालय में संविधान की धाराओं के अंतर्गत मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया जाएगा।
यादव ने कहा था यशवंत क्लब सरकारी कलाली का अहाता बन गया है
कांग्रेस नेता यादव ने कहा था कि इंदौर का यशवंत क्लब अब शराबी, जुआरियों, सटोरियों सहित भूमाफिया की शरणस्थली बन गया है। किसी जमाने में कुलीनों का यशवंत क्लब आज सरकारी कलाली का अहाता बन गया है। यादव ने मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव को लेटर लिखा जिसके साथ यशवंत क्लब की विस्तृत रिपोर्ट भी पहुंचाई। यादव ने मांग की है कि यशवंत क्लब का खेल विभाग के अंतर्गत अधिग्रहण कर फर्म एवं सोसाइटी से रजिस्ट्रेशन समाप्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव के अनुसार यशवंत क्लब में मौजूद क्रिकेट ग्राउंड को आईडीसीए को सौंपा जाना चाहिए। वर्तमान में आईडीसीए के पास क्रिकेट खिलाड़ी तैयार करने के लिए खेल का मैदान उपलब्ध नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में इंदौर में क्रिकेट खिलाड़ियों का भविष्य चौपट हो रहा है। यशवंत क्लब में मौजूद टेनिस, स्क्वैश, बॉस्केट बॉल, बैडमिंटन जैसी खेल सुविधाओं का उपयोग शराबी, भूमाफिया अपने मनोरंजन के लिए करते हैं।