इंदौर में मेट्रो की शुरुआत कई मायने में मील का पत्थर साबित हुई। मां अहिल्या की 300वीं जन्म जयंती पर शुरू हुई मेट्रो का संचालन से लेकर सुरक्षा तक का काम महिलाओं ने संभाला। आज सुबह मेट्रो के शुभारंभ का कार्यक्रम शुरू होने से पहले हर जगह महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया। स्टेशन पर एंट्री से लेकर मेट्रो में व्यवस्था संभालने की बात हो या फिर कार्यक्रम के बाद में स्टेशन की सफाई की जिम्मदारी हो। हर काम को महिलाओं ने बखूबी संभालकर एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं।
मेहनत सफल हो गई
मेट्रो में सबसे अधिक खुश महिलाओं की वो टीम नजर आ रही थी जिसने मेट्रो को शुरू करने के लिए दिनरात मेहनत की। मेट्रो जनरल कंसल्टेंट टीम की महिला मेंबर भी मेट्रो में सवार थीं। टीम की अर्पिता ने बताया, हम बहुत लकी फील कर रहे हैं कि आज फाइनली मेट्रो की शुरुआत हो रही है। क्योंकि इसके लिए हम सभी ने काफी मेहनत की है, जिसमें अथॉरिटीज और गवर्नमेंट का बहुत सपोर्ट रहा। आज महिलाओं को सफर करवाया और हर काम महिलाएं संभाल रही हैं यह भी हम सभी के लिए गर्व की बात है।
स्वच्छताकर्मियों को दिया सम्मान
मेट्रो के शुभारंभ के मौके पर स्वच्छताकर्मियों को भी सम्मान दिया गया। बड़ी संख्या में नगर निगम ने महिलाओं को आमंत्रित किया और उन्हें मेट्रो की पहली राइड में शामिल किया। सभी महिला स्वच्छताकर्मियों ने कहा कि आज के दिन वह बहुत गौरव महसूस कर रही हैं क्योंकि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मप्र सरकार के अथक प्रयासों से यह ट्रेन शुरू हुई और महिलाओं को विशेष सम्मान दिया गया।
सुरक्षा में भी संभाली कमान
स्टेशन पर हर जगह सुरक्षा व्यवस्था में महिला सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया था। मेट्रो स्टेशन के बाहर एंट्री और एग्जीट से लेकर मेट्रो के अंदर सफर के दौरान भी महिला सुरक्षाकर्मियों ने ही व्यवस्था को संभाला था।