इंदौर मेें इस बार प्याज, टमाटर, लहसून, धनिए के दाम ज्यादा हैै। इन सभी का उपयोग होटल, रेस्त्रां में होता है, हालांकि अभी व्यजंनों के दामों में तो इजाफा नहीं हुआ। पोहे में उपर से पड़ने वाली प्याज की मात्रा कम हो गई, या उसके साथ मूली भी मिक्स की जाने लगी है। धनिए भी 300 रुपये किलो तक बिक रहा है। आलू बडे, कचोरी, समौसेे की हरी चटनी मेें इसका सबसे ज्यादा उपयोग होता है, लेकिन भाव बढ़ने के कारण चटनी पतली हो गई है, या फिर पोदिना, पालक की मिलावट ज्यादा हो गई हैै।
इंदौर मेें पोहा काफी पसंद किया जाता है और सुबह नाश्ते के तौर पर पोहा, कचोरी, समोसा सबसे ज्यादा बिकता है। कई रेस्टोरेेट इसे दस या बाहर रुपये में बेचते है, तो कही यह 15 रुपये प्रति प्लेट मेें बिकता है। पोहे को बखारने में प्याज इस्तेमाल होता है और बनने के बाद भी उसे कच्चा डाला जाता है। इसके अलावा धनिया भी इसमें डलता है।
इंदौर में धनिए केे भाव चार सौ रुपये किलो तक है, जबकि प्याज भी 60 से 70 रुपये किलो बिक रहा है। 15 दिन पहले तक प्याज के भाव 40 रुपये किलो तक थे। बारिश के बाद खेतों से निकाला प्याज क्विलिटी में भी कमजोर है, लेकिन उसके भाव भी तेज है।
बीते 15 दिनों से होटल, रेस्टोरेंट में बिक रहे पोहे में उपर से डाले जाने वाले प्याज की मात्रा कम हो गई है। पोहा बेचने वाले दुकानदार स्वीकारते है कि प्याज, धनिए के भाव तेज होने से पोहे में हमारा मुनाफा घट गया है। यदि हम दाम बढ़ा दे, तो फिर ग्राहक कम होने का डर रहता हैै, इसलिए दाम नहीं बढ़ाए है।
दीपावली के बाद कम होंगे दाम
आमतौर पर ठंड का मौसम में सब्जी के भाव सामान्य रहते है, लेकिन इस बार बारिश के कारण खेतों में फसल सड़ गई। इससे आवक कम हो गई, लेकिन मांग बढ़ी हुई है। प्याज के दाम आने वाले दिनों मेें और बढ़ सकते है। आलू प्याज के कारोबार से जुड़े अजय अग्रवाल का कहना है कि नया प्याज दीपावली तक आएगा। सवा महीने प्याज के भावों मेें तेजी रहेगी। सरकार को आलू प्याज के निर्यात पर रोक लगाना चाहिए। इससे भाव नियंत्रित रह सकते है।