फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: टक्कर के बाद बस का मेनडोर हो चुका था डैमेज, इमरजेंसी गेट नहीं खोलते तो जिंदा जल जाते 40 यात्री

Mon, 21 Jul 2025 01:56 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर बायपास पर कंटेनर और बस की टक्कर से बस में आग लग गई थी। बस में सवार यात्रियों ने आप बीती सुनाई। इससे पता चलता है कि रूह को कंपा देने वाला हादसा टल गया। बस में देवास निवासी शैलेन्द्र बामनिया भी सवार थे। वे पुणे की एक कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने कहा कि हादसे को भूला नहीं जा सकता है, यदि गेट खुलने में देरी होती तो सब अंदर ही जल जाते क्योंकि टक्कर के बाद डीजल टैंक फूट गया था।
विज्ञापन
बस के केबिन में फंसा ड्रायवर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

20 जुलाई रविवार की रात पीथमपुर के समीप आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राज मार्ग पर इंदौर से पुणे जा रही इंटरसिटी बस जलकर राख हो गई। बस को कंटेनर ने टक्कर मार दी थी। इसमें आठ यात्री घायल हुए लेकिन शुक्र था कि बस में आग लगने से पहले यात्री उतर गए थे। टक्कर के बाद बस का मेनडोर डेमेज हो चुका था। यदि समय रहते कंडक्टर और एक यात्री ने मिलकर इमरजेंसी गेट नहीं खोला होता तो 40 यात्री बस में ही जिंदा जल जाते। बस में देवास निवासी शैलेन्द्र बामनिया भी सवार थे। वे पुणे की एक कंपनी में नौकरी करते हैं। शैलेन्द्र बामनिया ने अमर उजाला को इस हादसे से जुड़ी अपनी आपबीती बताई।

विज्ञापन


टक्कर के बाद बस के अगले हिस्से में लगी आग 

'मैं बस की एक नंबर सीट पर बैठा था। इंदौर से यात्रियों को बैठाकर निजी ट्रेवर्ल्स की बस पुणे के लिए निकली थी। रात को बायपास पर कंटेनर ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस के अगले हिस्से में आग लग गई। मैं हादसे को भूल नहीं सकता हूं। यदि गेट खुलने में देरी होती तो सब अंदर ही जल जाते क्योंकि टक्कर के बाद बस का डीजल टैंक फूट गया था। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग टैंक तक पहुंची और बस जलने लगी।' 

बस में आग लगने के बाद यात्री चिल्लाने लगे थे - फोटो : अमर उजाला

आग लगने वाली है कूदो बाहर

'बस के अंदर यात्री चिल्लाने लगे थे। महिलाएं और बच्चे रो रहे थे। एक युवती के पैर की हड्डी क्रेक हुई। वह उठ नहीं पा रही थी। एक यात्री की नाक से खून बह रहा था। अन्य कुछ यात्रियों के शरीर में भी कांच घुस गए थे। धुआं भरने के कारण यात्री बाहर निकलने की जल्दबाजी करने लगे। भीतर कुछ यात्री चिल्ला रहे थे कि आग लगने वाली है बस से बाहर कूदो।'

ड्राइवर को सीट तोड़ कर निकाला

'यात्री तो निकल चुके थे, लेकिन ड्राइवर के दोनों पैर स्टीयरिंग और सीट के बीच फंस गए थे। कंडक्टर ने बस से राॅड निकाली और उससे ड्राइवर की सीट को तोड़ा। तब तक केबिन में धुआं  ही धुआं हो रहा था। दो यात्री भी मदद के लिए आए और ड्राइवर को गोद में उठाकर सड़क के एक तरफ बैठा दिया। उसके दोनों पैरों की हड्डी टूट गई थी।'

विज्ञापन

कुछ ही देर में पूरी बस में आग फैल गई - फोटो : अमर उजाला

सड़क पर बहने लगा था डीजल

'हादसे के कारण बस का डीजल टैंक फट गया था। डीजल सड़क पर बह रहा था। हादसे के दस मिनट के भीतर केबिन में आग लग गई थी। तब तक सभी यात्री उतर चुके थे और दूर खड़े बस को धूं-धूं कर जलते हुए देख रहे थे। बस में आग लगने के कारण ट्रैफिक भी जाम हो गया था। ड्राइवर और घायल युवती को एक कार चालक अस्पताल ले गया, लेकिन ट्रैफिक जाम होने के कारण बाकी यात्री तीन घंटे बाद अलग-अलग वाहनों से लिफ्ट लेकर इंदौर पहुंचे।' (जैसा शैलेंद्र बामनिया ने अमर उजाला को बताया)

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें