बस में आग लगने के बाद यात्री चिल्लाने लगे थे
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आग लगने वाली है कूदो बाहर
'बस के अंदर यात्री चिल्लाने लगे थे। महिलाएं और बच्चे रो रहे थे। एक युवती के पैर की हड्डी क्रेक हुई। वह उठ नहीं पा रही थी। एक यात्री की नाक से खून बह रहा था। अन्य कुछ यात्रियों के शरीर में भी कांच घुस गए थे। धुआं भरने के कारण यात्री बाहर निकलने की जल्दबाजी करने लगे। भीतर कुछ यात्री चिल्ला रहे थे कि आग लगने वाली है बस से बाहर कूदो।'
ड्राइवर को सीट तोड़ कर निकाला
'यात्री तो निकल चुके थे, लेकिन ड्राइवर के दोनों पैर स्टीयरिंग और सीट के बीच फंस गए थे। कंडक्टर ने बस से राॅड निकाली और उससे ड्राइवर की सीट को तोड़ा। तब तक केबिन में धुआं ही धुआं हो रहा था। दो यात्री भी मदद के लिए आए और ड्राइवर को गोद में उठाकर सड़क के एक तरफ बैठा दिया। उसके दोनों पैरों की हड्डी टूट गई थी।'
कुछ ही देर में पूरी बस में आग फैल गई
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सड़क पर बहने लगा था डीजल
'हादसे के कारण बस का डीजल टैंक फट गया था। डीजल सड़क पर बह रहा था। हादसे के दस मिनट के भीतर केबिन में आग लग गई थी। तब तक सभी यात्री उतर चुके थे और दूर खड़े बस को धूं-धूं कर जलते हुए देख रहे थे। बस में आग लगने के कारण ट्रैफिक भी जाम हो गया था। ड्राइवर और घायल युवती को एक कार चालक अस्पताल ले गया, लेकिन ट्रैफिक जाम होने के कारण बाकी यात्री तीन घंटे बाद अलग-अलग वाहनों से लिफ्ट लेकर इंदौर पहुंचे।' (जैसा शैलेंद्र बामनिया ने अमर उजाला को बताया)