अभी रिंग रोड़ के हिस्से में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है।
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इंदौर मेें मेट्रो प्रोजेक्ट का काम अब गति पकड़ेगा। मेट्रो ट्रेन कार्पोरेशन ने इंदौर के मध्य हिस्से के लिए टेंडर जारी कर दिए। यह इस प्रोजेक्ट के लिए पांचवां बड़ा टेंडर है। ढाई हजार करोड़ से ज्यादा के काम मध्य हिस्से में होंगे। इसमें मेट्रो के सात अंडरग्राउंड स्टेशन बनेंगे। इसके अलावा कान्ह नदी के नीचे टनल भी बनेगी।
इंदौर के 31 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रेक के लिए मध्य हिस्से के सर्वे के बाद अब जमीनी काम नजर आएगा। प्रशासन ने कार्पोरेशन को मध्य हिस्से में जमीनें आंवंटित करने का काम भी शुरू कर दिया है। मेट्रो के स्टेशनों के लिए 36 स्थान चिन्हित किए गए है। उनमें ज्यादातर सरकारी भूमि है।
इंदौर रेलवे स्टेशन से भी जुड़ेगा मेट्रो स्टेशन
मेट्रो के लिए सबसे ज्यादा यात्री ट्रेनों से इंदौर आने वाले लोग रहेंगे। मध्य हिस्से में सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन रेलवे स्टेशन के पास बनेगा। इसके अलावा राजवाड़ा, बड़ा गणपति, रामचंद्र नगर, नगर निगम मुख्यालय, बीएसएफ और इंदौर एयरपोर्ट पर रहेगा। मध्य हिस्से में मेट्रो ट्रेक को कान्ह नदी पार कराने के लिए एक सुरंग बनाई जाएगी, जो नदी से 20 फीट नीचे रहेगी। इसके लिए निर्माण एजेंसी ने बोरिंग कर भूमिगत सर्वे कराया हैै।
चार साल का समय लगेगा
इंदौर में गांधी नगर मेेट्रो डिपो से रेडिसन चौराहा तक 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का काम जारी है। नाथ मंदिर के बाद से मेट्रो अंडरग्राउंड होगी। इसके लिए हाईकोर्ट परिसर में बड़ा और गहरा गड्ढा खोदा जाएगा। इसकी अनुमति भी मिल गई है। कार्पोरेशन ने मध्य हिस्से में निर्माण की समयसीमा चार वर्ष तय की गई है। मध्य हिस्से का टेंडर 22 अप्रैल को खोला जाएगा।