इंदौर में मई महीने की शुरुआत भीषण गर्मी की बजाय भारी उमस के साथ हुई है, जिससे लोग बेहाल हैं। अब तक मई के दो हफ्ते बीत चुके हैं लेकिन सिर्फ एक दिन ऐसा रहा जब दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार गया। इससे पहले अप्रैल में भी एक बार ही पारा 42 डिग्री को पार कर पाया था। गर्मी का सीजन अब लगभग 20 दिनों का ही बचा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार पिछले वर्ष जैसी 44 डिग्री से ऊपर जाने वाली भीषण गर्मी की संभावना कम है।
आज भी इंदौर में दिनभर उमस रही। बारिश के दौर के बाद तेजी से उमस बढ़ी है और पिछले दो दिन से पारा भी चढ़ रहा है। इंदौर में आज पारा 36.3 डिग्री रहा हालांकि इसमें .4 डिग्री की गिरावट देखी गई वहीं रात का पारा 25.4 दर्ज किया गया जिसमें कोई बदलाव नहीं रहा। कई क्षेत्रों में शाम को बूंदाबांदी हुई और दिनभर बादल भी छाए रहे। हवा न चलने की वजह से उमस में इजाफा देखा गया और लोग दिन में गर्मी से परेशान होते रहे। शाम 5 बजे के बाद हवा चलने और बूंदाबांदी होने से लोगों को राहत मिली।
अप्रैल में अपेक्षा से कम असरदार रही गर्मी
इस वर्ष अप्रैल का सबसे अधिक तापमान 29 तारीख को दर्ज किया गया, जब पारा 42.6 डिग्री सेल्सियस (+2) तक पहुंचा। जबकि पिछले 10 वर्षों में अप्रैल का तापमान अधिकतम 43.5 डिग्री सेल्सियस तक गया है। इस लिहाज से देखा जाए तो अप्रैल का महीना इस बार गर्मी के लिहाज से अपेक्षाकृत हल्का रहा। मई की शुरुआत जरूर तेज गर्मी के साथ हुई, जब पहले ही दिन तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस (+1) रिकॉर्ड हुआ। तब यह अनुमान लगाया गया था कि आने वाले दिनों में गर्मी और भी अधिक परेशान कर सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए शहर के कई प्रमुख चौराहों पर ग्रीन नेट और शेड्स लगाकर लोगों को राहत देने के प्रयास शुरू कर दिए गए थे।
तेज आंधी और बारिश ने गिराया पारा
3 मई के बाद तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। 4 मई को अचानक तेज आंधी और जोरदार बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। महज ढाई घंटे में 2.75 इंच बारिश दर्ज की गई। दो दिनों की कुल बारिश सवा चार इंच से भी अधिक हो गई, जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 36.2 डिग्री सेल्सियस (-5) पर आ गया। इसी रात न्यूनतम तापमान भी गिरकर 17.2 डिग्री सेल्सियस (-7) तक पहुंच गया। इसके बाद लगातार चार दिनों तक तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला चलता रहा। हालांकि बाद में बारिश की तीव्रता कम हो गई, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहा। अब पिछले छह दिनों से तापमान में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सोमवार, 12 मई को दिन का तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस (-3) रिकॉर्ड किया गया। मई के लगभग दो सप्ताह बीत चुके हैं, और तापमान अब तक केवल एक दिन ही 42 डिग्री पार गया है।
नौतपा में भी सामान्य से कम रह सकती है गर्मी
25 मई से 3 जून तक रोहिणी नक्षत्र का नौतपा काल रहेगा, जो आमतौर पर सबसे अधिक गर्मी लाता है। लेकिन इस बार मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि नौतपा में भी दिन का तापमान सामान्य से कम रहेगा। इसका मुख्य कारण 20 मई से सक्रिय होने वाला नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है, जो गर्मी को दबाएगा। इस कारण मई के बचे दिनों में तापमान सामान्य से नीचे ही रहने की संभावना है। कुल मिलाकर, इस बार गर्मी का मौसम अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा, जिससे लोगों को तीव्र लू और झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिल सकती है। इंदौर में 1 जून से आमतौर पर प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। मानसून के आगमन के लिए तीन दिन तक लगातार 3 इंच से अधिक बारिश की आवश्यकता होती है। इस बार मई में ही अब तक 5 इंच बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, मंगलवार को इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा और बारिश की संभावना है, जिससे प्री-मानसून में ही अच्छी बारिश की उम्मीद है।