बाजारों में किल्लत और जमाखोरी से बचने के लिए किराना व्यापारियों ने ग्राहकों को 5 किलो से ज्यादा शकर न देने की पाबंदी लगा दी है। दाम बढ़ने से आम जनता और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट भी बिगड़ गया है।
रक्षाबंधन और आगामी त्यौहारी सीजन से ठीक पहले मालवा-निमाड़ के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र इंदौर में शकर (चीनी) के दामों में आई बेतहाशा तेजी ने आम जनता के रसोई का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। बीते महज एक महीने के भीतर शकर के भाव 45 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 65 रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए हैं। बाजार में कई जगह तो यह 70 से 72 रुपए किलो भी मिल रही है। अचानक हुई इस मूल्यवृद्धि से खुदरा बाजार में हड़कंप मच गया है और कई व्यापारियों ने शकर की सीमित बिक्री का नियम लागू करते हुए ग्राहकों को 5 किलो से अधिक देने पर पाबंदी लगा दी है।
विज्ञापन
मिठाइयों के दाम बढ़े, होटल व्यवसायी भी परेशान
शकर की कीमतों में उछाल का सीधा असर इंदौर के प्रसिद्ध मिष्ठान और नमकीन बाजार पर पड़ा है। त्यौहारों के कारण शहर की मिठाई दुकानों में मिठाइयों के दाम 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं। इसका सीधा असर आम परिवारों के जेब पर पड़ रहा है, जो त्यौहारों की तैयारियों के बीच रसोई राशन और मिठाइयों के बढ़ते दामों से खासे चिंतित हैं।
शहर के बड़े ब्रांड्स पर लगे लिमिट के बोर्ड
पीछे से ही सप्लाई कम आ रही है और थोक मंडियों में आवक घटने से भाव बढ़े हैं। जमाखोरी या कृत्रिम किल्लत से बचने और सभी ग्राहकों तक शकर की उपलब्धता बनाए रखने के लिए ही कुछ दुकानों पर 5-5 किलो की सीमा तय करनी पड़ी है।"*
विज्ञापन
त्यौहारों के पास आते ही डिमांड और तेज हो जाएगी
परदेशीपुरा के मुख्य बाजार के किराना व्यापारी जावेद हसन ने कहा कि दो महीने में 20 रुपए से अधिक दाम बढ़ चुके हैं। अभी डिमांड कम है लेकिन त्यौहारों के आते ही डिमांड तेज हो जाएगी। ग्राहकों की इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हैं। किसी भी घरेलू सामान के दाम में तेजी से इजाफा होता है तो उसके बजट पर असर तो पड़ता ही है।
मध्यमवर्गीय परिवार सबसे अधिक परेशान
अन्नपूर्णा रोड के रहवासी रमेश शर्मा ने कहा कि सामने गणेश उत्सव और त्यौहारों की कतार है। एक महीने पहले तक जो शकर 45 रुपए में मिल रही थी, आज उसके लिए 65 से 70 रुपए देने पड़ रहे हैं। ऊपर से किराने वाले 5 किलो से ज्यादा देने को तैयार नहीं हैं। मिडिल क्लास फैमिली आखिर क्या करे? घर की बुनियादी चीजों पर इतना खर्च बढ़ेगा तो घर चलाने में बहुत परेशानी आएगी।
तेल, गैस से शकर तक महंगी, मिठाइयां तो महंगी होंगी ही
मिठाई विक्रेता आनंद अग्रवाल ने कहा कि तेल, गैस, शकर, मावा और ईंधन सभी महंगा हो चुका है। मिठाई बनाने की लागत अचानक बढ़ गई है। त्यौहार के सीजन में हमारे पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। मिठाइयों के दाम में 10 से 15 प्रतिशत का इजाफा हो रहा है।