Indore News: देवगुराड़िया-कंपेल रूट पर सिटी बस सेवा बंद होने से परेशान 100 से अधिक छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि बस सेवा बंद होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय के गेट पर धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर में शिक्षा और दैनिक आवागमन की व्यवस्था से परेशान छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर उग्र प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि देवगुराड़िया से कंपेल मार्ग पर लंबे समय से बंद पड़ी सिटी बस सेवा के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगभग 100 से अधिक छात्रों ने जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई और जल्द से जल्द बस संचालन बहाल करने की मांग उठाई। इंदौर के देवगुराड़िया से कंपेल स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तक यह छात्र बस चलाने की मांग कर रहे हैं।
छात्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
निजी बसों का महंगा किराया और ओवरलोडिंग से परेशान
छात्रों ने अधिकारियों को अवगत कराया कि सिटी बस सेवा बंद होने की वजह से उन्हें मजबूरी में निजी बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। निजी बस संचालक उनसे अधिक किराया वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं, इन बसों में इतनी अधिक भीड़ होती है कि कई बार छात्रों को छतों पर बैठकर यात्रा करनी पड़ती है। आवागमन की इस अव्यवस्था के कारण आए दिन छात्रों की कक्षाएं छूट जाती हैं और उन्हें दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
बस का पास 200 रुपए करने की मांग
छात्रों का कहना है कि कंपेल के विद्यार्थियों के लिए बस सुविधा नहीं दी जा रही है जबकि वहीं पर सांदीपनि स्कूल के लिए अलग से बस संचालित की जा रही है। विद्यार्थियों ने बताया कि अधिकांश परिवार मजदूरी से अपना गुजारा करते हैं इसलिए सिटी बस का मासिक पास भी 200 रुपए होना चाहिए। अभी पास के लिए 600 रुपए प्रतिमाह लिए जा रहे हैं, जो उनके परिवारों के लिए अधिक है। विद्यार्थी रागिनी ने बताया कि पहले भी हमने प्रदर्शन किया था। उस समय हमें 3 दिन में समस्या का निराकरण करने का कहा गया था। उस बात को अब 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। इसलिए आज हम दोबारा कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन करने के लिए आए हैं।
शाम को खत्म हुआ प्रदर्शन
छात्रों ने सुबह से विरोध प्रदर्शन शुरू किया था जो दोपहर बाद समाप्त हुआ। छात्रों के साथ आंदोलन करने वाले अरुण बड़ोले ने बताया कि छात्रों के प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने बात सुनी और जल्द से जल्द उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है।