Indore News: पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद भी इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर पिछले 3 सप्ताह से छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इंदौर में चल रहा छात्र आंदोलन पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बाद भी खत्म नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता तब तक वे आंदोलन को खत्म नहीं करेंगे। इंदौर में पिछले 3 सप्ताह से छात्र आंदोलन चल रहा है और उनकी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई कई मांगें हैं। छात्रों का कहना है कि केंद्र सरकार ने अभी तक जो भी कदम उठाए हैं और देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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भंवरकुआं चौराहे पर छात्रों की प्रमुख मांगें
इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर धरने पर बैठे स्टूडेंट्स ने कहा कि बात सिर्फ नीट की नहीं है। तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार धांधली हो रही है। हमारी लड़ाई इस पूरी शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ है। छात्रों ने कहा आंदोलन के दौरान जो भी छात्रों पर केस हुए हैं उन केसों को तुरंत वापस लेना चाहिए। इसके साथ नीट पेपर लीक में जिन बच्चों की जान गई उनके माता पिता को मुआवजा मिलना चाहिए। पेपर लीक में जो भी दोषी हैं उन्हें कड़ी सजा मिले और भविष्य में कभी भी पेपर लीक की घटनाएं नहीं होंगी यह भी सरकार लिखित में दे।
भंवरकुआं पर दिन-रात डटे हुए हैं छात्र
इंदौर के भंवरकुआं पर चल रहे छात्र आंदोलन को 3 सप्ताह से अधिक का समय हो गया है। शुरुआत में यहां पर शाम के समय ही छात्रों की भीड़ रहती थी क्योंकि अधिकांश छात्र स्कूल, कालेज से आने के बाद ही इसमें पहुंचते थे। अब यहां पर 24 घंटे भीड़ नजर आती है। रात में भी यहां पर छात्र डटे रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में बालिकाएं भी शामिल हैं।
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बिना किसी बैनर-झंडे के केवल छात्रों की आवाज
छात्र आंदोलन में किसी भी संस्था या संगठन का कोई भी बैनर या झंडा नहीं है। सभी छात्र सिर्फ पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बैनर, पोस्टर बनाकर लाए हैं। यहां पर मौजूद छात्रों ने बताया कि कई संगठनों ने यहां पर आकर अपने बैनर लगाए लेकिन हमारी सबसे यही अपील है कि सिर्फ शिक्षा के मुद्दों को उठाएं, सिर्फ अपनी संस्था या संगठन के प्रचार के लिए यहां पर न आएं। यहां पर छात्र धरने पर बैठे हैं उनके साथ धरने पर बैठें, अलग से अपने संगठन के प्रचार के लिए कार्य न करें।