इंदौर की बांक ग्राम पंचायत में सरकारी वाहन किराए पर लेने के नाम पर नियमों की अनदेखी कर बेटे को आर्थिक लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस ने जांच के बाद तत्कालीन सचिव, सरपंच और उनके बेटे के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इंदौर जिले की बांक पंचायत के तत्कालीन सरपंच और तत्कालीन सचिव के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार करने के मामले में केस दर्ज किया है। तत्कालीन सचिव प्रहलाद नील ने अपने बेटे के वाहन (एमपी 10 जी 1435) को नियम विरुद्ध तरीके से ग्राम पंचायत बांक में अटैच किया है।
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इसके लिए किसी तरह के टेंडर नहीं निकाले गए। मामला तीन साल पुराना है, तब के सरपंच और सचिव ने अपने हस्ताक्षर से भुगतान का ठहराव प्रस्ताव तैयार कर बेटे के वाहन को सफाई आदि कार्य के लिए अटैच किया। हर महीने सरकारी कोष से किराए का भुगतान किया जा रहा था। इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस तक पहुंची। अफसरों ने जांच में पाया कि वाहन को बिना टेंडर प्रक्रिया के तथा ग्राम सभा की अनुमति प्राप्त किए बगैर किराए से लगाया गया और नियमों के विपरीत जाकर भुगतान भी किया गया है।
वाहन को मध्य प्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 के अनुसार पंचायत निधियों के उपयोग में पारदर्शिता न रखते हुए तत्कालीन सचिव-सरपंच ने धीरज नील को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाया है। इस मामले में पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 एवं भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रहलाद नील (तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत बांक, इंदौर), लक्ष्मीबाई पति राधेश्याम चौहान (तत्कालीन सरपंच ग्राम पंचायत बांक, इंदौर) और तत्कालीन सचिव के बेटे धीरज नील पिता प्रहलाद नील के खिलाफ केस दर्ज किया है।