वरिष्ठ नागरिकों की छुपी हुई प्रतिभा को निखारने और उन्हें एक सशक्त मंच देने के उद्देश्य से इंदौर में अलग ही आयोजन हुआ। 'वॉइस ऑफ सीनियर्स' नामक आयोजन में कई राज्यों के 282 बुजुर्गों को गाने का मंच मिला। प्रतियोगिता में इंदौर के रविंद्र मराठे ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 51,000 रुपए की पुरस्कार राशि जीती।
बता दें कि इंदौर शहर में 60 की उम्र पार कर चुके बुजुर्गों के लिए गायन का आयोजन किया गया। ये इसका सातवां संस्करण था। इस वर्ष प्रतियोगिता को पहली बार मध्यप्रदेश से बाहर भी विस्तार मिला और महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गोवा, पंजाब, छत्तीसगढ़, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश तथा गुजरात समेत कई राज्यों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इन्होंने लहराया परचम
प्रतियोगिता में इंदौर के रविंद्र मराठे ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 51,000 रुपए की पुरस्कार राशि जीती। जबकि भिलाई, छत्तीसगढ़ के दीपेंद्र हलदर को उपविजेता घोषित किया गया और उन्हें 21,000 रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया। विशेष तृतीय पुरस्कार (रेखा सिंह द्वारा प्रायोजित) इंदौर की नंदिनी कुलकर्णी को मिला, जिन्हें 5,000 रुपए की राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, आनंदम द्वारा प्रायोजित आनंदम सदस्या सुलेखा धामिरीकर को दिया गया। उन्हें भी 5,000 रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
बुजुर्गों की खनखती आवाज ने जीता दिल
प्रतियोगिता में चयनित फाइनलिस्ट्स ने दो राउंड में एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिनमें एक धीमे और एक तेज़ लय का गीत शामिल था। निर्णायक मंडल में प्रसिद्ध संगीतज्ञ वी. श्रीवास्तव, सुनील मसूरकर और सपना केकड़े शामिल रहे। इन्होंने प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। मुख्य अतिथि दीपक चौहान (ग्रुप एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं रीजनल हेड, येस बैंक) ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए इसे वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा भरने वाला मंच बताया। फाइनल से पहले नरेंद्र सिंह, अनिल भट और डॉ. अतुल भट ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां देकर माहौल को संगीतमय बना दिया।