इंदौर की शिवानी शाह को नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित वर्ल्ड इन्क्लूजन कॉन्फ्रेंस इंडिया में आईएफआईपी नेशनल इन्क्लूजन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह नेशनल अवॉर्ड उन्हें ऑटिज्म, एडीएचडी, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी और दिमागी विकास से जुड़ी दूसरी चुनौतियों वाले बच्चों और लोगों के लिए उनकी जरूरतों के मुताबिक माहौल तैयार करने और उनके जीवन को आसान बनाने वाली नई पहल करने के लिए दिया गया।
भारत और विदेश के कई विशेषज्ञ शामिल हुए
वर्ल्ड इन्क्लूजन कॉन्फ्रेंस का आयोजन इंटरनेशनल फोरम ऑफ इन्क्लूजन प्रैक्टिशनर्स (आईएफआईपी) ने अफेयर्स एग्जीबिशन्स एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किया। सम्मेलन में शिक्षा, दिव्यांगजन अधिकार और हर व्यक्ति को बराबर अवसर दिलाने की दिशा में काम करने वाले भारत और विदेश के कई विशेषज्ञ शामिल हुए। इस मौके पर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, सांसद डॉ. हर्षवर्धन श्रृंगला, आईएएस अधिकारी इरा सिंघल सहित कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हस्तियां मौजूद रहीं।
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नवाचारों को मिली पहचान
शिवानी शाह ने पर्पल फेस्ट गोवा में ऐसी पहल की, जिससे हर व्यक्ति बिना किसी परेशानी के कार्यक्रम का हिस्सा बन सके। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, वियना में ऐसा शांत कक्ष तैयार किया, जहां जरूरत पड़ने पर लोग आराम से बैठ सकें और खुद को सहज महसूस कर सकें। टाटा पावर और अनुपम खेर स्टूडियोज के सहयोग से फिल्म तन्वी द ग्रेट की ऑटिज्म-अनुकूल स्क्रीनिंग भी कराई।
नए प्रोजेक्ट भी चर्चा में
शिवानी इन दिनों एक ऐसा सहायक उपकरण विकसित कर रही हैं, जो ऑटिज्म से जुड़े बच्चों की मदद के लिए तैयार किया जा रहा है। यह उपकरण संगीत और रोशनी के खास इस्तेमाल की मदद से बच्चों को शांत होने, खुद को संभालने और बेहतर महसूस करने में मदद करता है। इसका उद्देश्य बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना है, ताकि वे स्कूल और रोजमर्रा की गतिविधियों में बिना झिझक हिस्सा ले सकें।
बच्चों को समर्पित किया सम्मान
नेशनल अवॉर्ड मिलने पर शिवानी शाह ने कहा, "यह सम्मान हर उस बच्चे, उसके परिवार, शिक्षक और साथी को समर्पित है, जो मानते हैं कि हर बच्चे को सीखने, खेलने और आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलना चाहिए। हमारी कोशिश है कि कोई भी बच्चा खुद को अलग या पीछे महसूस न करे और उसे सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले।"