राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन विश्व संवाद केंद्र द्वारा तीन दिवसीय नर्मदा साहित्य मंथन का आयोजन 31 जनवरी से किया जा रहा है। इस बार यह आयोजन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागार में होगा। पिछले तीन सालों से विश्व संवाद केंद्र द्वारा साहित्य मंथन का आयोजन किया जा रहा है। पहले साल में यह आयोजन महेश्वर में हुआ था, जबकि पिछले दो सालों से धार में हो रहा है।
भोजशाला के मुद्दे और माता की प्रतिमा का मुद्दा प्रमुखता से उठा
पिछले दो सालों में इस आयोजन के दौरान धार की भोजशाला के मुद्दे और माता की प्रतिमा का मुद्दा प्रमुखता के साथ उठाया गया था। इस साल यह आयोजन इंदौर में होने जा रहा है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के खंडवा रोड स्थित परिसर के सभागार में इस कार्यक्रम को 31 जनवरी से 2 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। पिछले दो सालों में यह आयोजन भोजशाला पर केंद्रित था, वहीं इस साल लोकमाता देवी अहिल्याबाई पर केंद्रित करते हुए अहिल्या पर्व के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
विनय सहस्रबुद्धे भी आ रहे हैं
इस आयोजन में वक्ता के रूप में भाग लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे भी आ रहे हैं। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्र में काम करने अथवा साहित्य को रचने वाले प्रो. एमएस चैत्रा, यतींद्र मिश्र, भारती ठाकुर, गिरधर दान रतनू, अशोक जमनानी, लक्ष्मीनारायण भाला, विकास दवे, क्षमा कौल, माधवेंद्र सिंह, डॉ. गुरुप्रकाश पासवान, शिप्रा पाठक, प्रसन्न देशपांडे व अमिताभ अग्निहोत्री भी आ रहे हैं। इस आयोजन में देश के साहित्यकार और इंदौर तथा मालवा अंचल के युवा भी बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।