कार्यक्रम में मौजूद अतिथि
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
पुस्तक की कमाई परिक्रमावासियों के लिए उपयोग होगी
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि आपकी उपस्थिति नर्मदा परिक्रमा वासियों को साहस और दिशा देती है, जिससे हम सनातन धर्म के लिए कुछ कदम बढ़ाने की हिम्मत जुटा सकते हैं। पटेल ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक को छपने से पहले मना कर दिया था, क्योंकि उनका मकसद नर्मदा को “बेचना” नहीं था। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों में मुझे दो मौके मिले। 2005 में जब मैंने फिर से यात्रा की और उसके बाद मैं केंद्र में संस्कृति मंत्री बना, तब मेरे मित्रों ने कहा कि इसे अब छपने दो। मेरे पास 72 घंटे की नर्मदा यात्रा और किनारे की वीडियो मौजूद थी। डिस्कवरी चैनल के लोगों ने भी मुझसे इसके बारे में पूछा, तब भी मैंने कहा कि मैं नर्मदा को बेचना नहीं चाहता। पटेल ने कहा कि “नर्मदा हमारी माता है, नदियां हमारी विरासत है, ये हमारा जीवन है, हम संकल्प लेकर जाए। इस पुस्तक का विमोचन सिर्फ विमोचन नहीं है, इसकी एक-एक पाई गौसेवा में लगेगी और परिक्रमा वासी के लिए लगेगी।”
राजनीति में भी परिक्रमा करनी पड़ती है
स्वामी ईश्वरनंद ने नर्मदा परिक्रमा को लेकर कहा कि परिक्रमा में जल, वायु, अग्नि, आकाश और यहां तक कि शरीर का खून भी शामिल होकर एक दिव्य अनुभव प्रदान करता है। परिक्रमा केवल यात्रा नहीं, बल्कि जीवन और प्रकृति के साथ आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा की राजनीति में ऊपर उठने के लिए भी परिक्रमा करनी पड़ती है।
विश्व हिंदू परिषद के अधिवक्ता अधिवेशन में भी करेंगे शिरकत
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के अतिरिक्त, संघ प्रमुख विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की अखिल भारतीय लीगल सेल के दो दिवसीय चौथे अधिवेशन में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह अधिवेशन 13 से 14 सितंबर तक पीपल्यापाला तालाब स्थित मधुर मिलन गार्डन में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न राज्यों से 250 से अधिक वरिष्ठ अधिवक्ता, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, कानून विशेषज्ञ और विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। डॉ. भागवत इस आयोजन में पहुंचकर अधिवक्ताओं को संबोधित भी कर सकते हैं।