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Indore News: दुनिया की भविष्यवाणियों को गलत साबित करके भारत विकास पथ पर आगे बढ़ रहा: भागवत

Sun, 14 Sep 2025 06:18 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और मुख्यमंत्री मोहन यादव दोपहर में मंत्री प्रहलाद पटेल की पुस्तक 'परिक्रमा' के विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे। नर्मदा के लिए कई बड़े संगठन इस मंच पर एकजुट दिखे।
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कार्यक्रम में भागवत - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर आए हैं। दोनों ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे हैं। मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा लिखित पुस्तक के विमोचन में कई प्रमुख संगठनों ने नर्मदा संरक्षण पर अपनी बात रखी। प्रदेश सरकार के कई मंत्री इस कार्यक्रम में मौजूद हैं। इस कार्यक्रम के बाद भागवत विश्व हिंदू परिषद के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।  

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भारत सबकी भविष्यवाणियों को गलत साबित करके विकास पथ पर आगे बढ़ रहा: भागवत
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत सबकी भविष्यवाणियों को गलत साबित करके विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब भारत 3,000 वर्षों तक विश्वगुरु था, तब कोई वैश्विक संघर्ष नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में संघर्षों के लिए व्यक्तिगत हित ही जिम्मेदार हैं, जिन्होंने सभी समस्याओं को जन्म दिया। पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि ब्रिटिश शासन समाप्त होने के बाद भी भारत ने एकजुट रहकर उन्हें गलत साबित कर दिया। "विंस्टन चर्चिल ने एक बार कहा था कि (ब्रिटिश शासन से) आजादी के बाद, आप (भारत) जीवित नहीं रह पाएंगे और विभाजित हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।" "अब इंग्लैंड खुद विभाजन की स्थिति में आ रहा है, लेकिन हम विभाजित नहीं होंगे। हम आगे बढ़ेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "हम एक बार विभाजित थे, लेकिन हम उसे फिर से एकजुट करेंगे।" उन्होंने कहा कि जहां दुनिया आस्था और विश्वास पर चलती है, वहीं भारत कर्म और तर्क से परिपूर्ण आस्था की भूमि है। भागवत ने आगे कहा, "हम सभी जीवन रूपी नाटक में अभिनेता हैं और हमें अपनी भूमिकाएं निभानी हैं, और नाटक समाप्त होने पर हमारा वास्तविक स्वरूप प्रकट होता है।" उन्होंने कहा कि भारत में जो आस्था विद्यमान है, वह प्रत्यक्ष अनुभूति (ज्ञान) और प्रमाण पर आधारित है।
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कार्यक्रम में मौजूद अतिथि - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
पुस्तक की कमाई परिक्रमावासियों के लिए उपयोग होगी
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि आपकी उपस्थिति नर्मदा परिक्रमा वासियों को साहस और दिशा देती है, जिससे हम सनातन धर्म के लिए कुछ कदम बढ़ाने की हिम्मत जुटा सकते हैं। पटेल ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक को छपने से पहले मना कर दिया था, क्योंकि उनका मकसद नर्मदा को “बेचना” नहीं था। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों में मुझे दो मौके मिले। 2005 में जब मैंने फिर से यात्रा की और उसके बाद मैं केंद्र में संस्कृति मंत्री बना, तब मेरे मित्रों ने कहा कि इसे अब छपने दो। मेरे पास 72 घंटे की नर्मदा यात्रा और किनारे की वीडियो मौजूद थी। डिस्कवरी चैनल के लोगों ने भी मुझसे इसके बारे में पूछा, तब भी मैंने कहा कि मैं नर्मदा को बेचना नहीं चाहता। पटेल ने कहा कि “नर्मदा हमारी माता है, नदियां हमारी विरासत है, ये हमारा जीवन है, हम संकल्प लेकर जाए। इस पुस्तक का विमोचन सिर्फ विमोचन नहीं है, इसकी एक-एक पाई गौसेवा में लगेगी और परिक्रमा वासी के लिए लगेगी।”

राजनीति में भी परिक्रमा करनी पड़ती है
स्वामी ईश्वरनंद ने नर्मदा परिक्रमा को लेकर कहा कि परिक्रमा में जल, वायु, अग्नि, आकाश और यहां तक कि शरीर का खून भी शामिल होकर एक दिव्य अनुभव प्रदान करता है। परिक्रमा केवल यात्रा नहीं, बल्कि जीवन और प्रकृति के साथ आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा की राजनीति में ऊपर उठने के लिए भी परिक्रमा करनी पड़ती है।



विश्व हिंदू परिषद के अधिवक्ता अधिवेशन में भी करेंगे शिरकत
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के अतिरिक्त, संघ प्रमुख विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की अखिल भारतीय लीगल सेल के दो दिवसीय चौथे अधिवेशन में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह अधिवेशन 13 से 14 सितंबर तक पीपल्यापाला तालाब स्थित मधुर मिलन गार्डन में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न राज्यों से 250 से अधिक वरिष्ठ अधिवक्ता, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, कानून विशेषज्ञ और विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। डॉ. भागवत इस आयोजन में पहुंचकर अधिवक्ताओं को संबोधित भी कर सकते हैं।
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