इंदौर के युग पुरुषधाम की मान्यता प्रशासन ने निरस्त कर दी है। आश्रम के 86 दिव्यांग बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट किया गया है। युग पुरुषधाम आश्रम में दस बच्चों की छह माह पहले मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा बच्चे दूषित पानी पीने की वजह से बीमार हो गए थे। दो माह में दो बीमार बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई थी और आश्रम की लापरवाही मानी थी।
प्रशासन ने आश्रम को नोटिस भी दिया था। इस घटना के बाद आश्रम के बच्चों को दूसरे संस्थानों में भी भेजा गया गया था। इस आश्रम में बीते दस वर्षों से मानसिक रुप से बीमार, दिव्यांग बच्चों को रखा जाता था। प्रशासन द्वारा मान्यता रद्द करने के बाद 34 बालक और 52 बालिकाएं उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में भेजी गई। उज्जैन में बच्चों का स्वागत तिलक लगाकर किया गया। अब बच्चों को वहीं पर रखा जाएगा।
बच्चों की मौत को छुपाया
जुलाई माह में पंद्रह दिन के भीतर आश्रम के 10 बच्चों की मौत हो गई थी। तब उन मौतों को आश्रम में छुपाया, लेकिन जब लगातार बच्चे बीमार पड़ने लगे और अफसरों ने पता किया तो दस बच्चों की बीमारी से मौत का पता चला। बच्चों की डायरिया हो गया था। तब आश्रम के अध्यक्ष, सचिव और संचालिका को हटाया गया था।