सीसीटीवी भी लगे
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
500 से ज्यादा सफाई मित्र तैनात रहेंगे
गेर के बाद सफाई व्यवस्था के लिए भी पूरी तैयारी की गई है। 500 से ज्यादा कर्मचारी और संसाधन एक साथ काम करेंगे और रिकॉर्ड समय में गेर मार्ग को साफ करेंगे। इस बार के भी फोटो-वीडियो यूनेस्को को भेजे जाएंगे। भारत सरकार से भी निवेदन किया गया है कि वे यूनेस्को को पत्र भेजे और उनकी विजिट कराए। इंदौर की विशिष्ट पहचान राजवाड़ा को ढकने का काम पूरा कर लिया गया है। इसके ऊपर बड़ा पीला प्लास्टिक लगा दिया गया है ताकि रंगों से इसे कोई नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही गोराकुंड और सराफा क्षेत्र की बिल्डिंगों को भी बड़े प्लास्टिक से ढक दिया गया है। कई लोग अपने घरों को रंग-गुलाल से बचाने के लिए प्लास्टिक से कवर कर रहे हैं।
आकस्मिक व्यवस्थाएं भी की
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गेर के पूरे रूट में 100 से 200 मीटर के सेक्टर बनाए जा रहे हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। साथ ही आकस्मिक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। इमरजेंसी एग्जिट रूट भी बनाए जा रहे हैं। हाइराइज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
लग गए सीसीटीवी
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि गेर के लिए सभी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। गेर मार्ग पर आइडेंटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मंच लगाने, वॉच टावर बनाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की जगह भी निर्धारित की जा चुकी है। गलियों में बीच-बीच में एग्जिट रूट बनाए गए हैं, जहां एम्बुलेंस भी उपलब्ध रहेगी, ताकि कोई घटना होने पर तुरंत सहायता मिल सके। कैबिनेट के आने की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
रंगों से सराबोर होगी पूरी यात्रा
राधा-कृष्ण फाग यात्रा: करीब 10 हजार किलो गुलाल, 8 हजार लीटर पानी का उपयोग किया जाएगा।
मॉरल क्लब गेर: 30 हजार लीटर पानी का टैंकर, ट्रैक्टर-ट्रालियों में कुल 50 हजार लीटर पानी, 7 हजार किलो गुलाल, 10 किलो पक्का रंग उपयोग किया जाएगा।
संगम कॉर्नर गेर: 1 लाख 20 हजार लीटर पानी, 8 हजार किलो गुलाल, 20 किलो रंग, 2 हजार किलो फूल का उपयोग किया जाएगा।
टोरी कॉर्नर गेर: 300 बोरी गुलाल, 60 हजार लीटर पानी का उपयोग किया जाएगा।
इस तरह रहेगा रास्ता
बुधवार सुबह टोरी कॉर्नर चौराहे से गेर की शुरुआत होगी। फिर यह गौराकुंड चौराहा, खजूरी बाजार, राजवाड़ा पहुंचेगी। इसके बाद राजवाड़ा से घूमकर सराफा, सीतलामाता बाजार होते हुए अपने-अपने गंतव्य तक जाएगी। संगम कॉर्नर की गेर मल्हारगंज से शुरू होकर टोरी कॉर्नर चौराहे से आगे बढ़ेगी। राधा-कृष्ण फाग यात्रा की शुरुआत नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से होगी। यहां से यह सीतलामाता बाजार, गोराकुंड, खजूरी बाजार, राजवाड़ा, पीपली बाजार, सराफा होते हुए फिर मंदिर पर समाप्त होगी। मॉरल क्लब गेर छीपाबाखल से गोराकुंड, खजूरी बाजार, राजवाड़ा, गोपाल मंदिर, सर्राफा और कपड़ा मार्केट होते हुए छीपाबाखल पर समाप्त होगी।
बैलगाड़ी से हुई थी गेर की शुरुआत, अब एनआरआई भी आने लगे
75 साल पहले गेर निकलना शुरू हुई थी। पहले यह बैलगाड़ी से निकलती थी लेकिन अब मिसाइल, टैंकर, डीजे सहित आधुनिक साधनों तक पहुंच चुकी है। इस गेर की पहचान पूरे देश में बन चुकी है। गेर आयोजक शेखर गिरी ने बताया कि 48 और 50 के दशक में बाबूलाल गिरी और छोटे लाल गिरी ने गेर निकाली थी। अब हमारी दूसरी पीढ़ी गेर का संचालन कर रही है। हमारे बाद भी हमारे भाई और भतीजे भविष्य में गेर का आयोजन करेंगे। गेर में अब ट्रैक्टर-ट्रॉली, डीजे, पानी के टैंकर और अन्य गाड़ियां शामिल हो चुकी हैं। रंगपंचमी की गेर देखने के लिए लोग छतों पर बुकिंग कराने लगे हैं। पहले के मुकाबले अब लाखों की संख्या में लोग इस गेर में शामिल होने आते हैं। नगर निगम पिछले दो साल से आधिकारिक रूप से इसमें शामिल हो रहा है, और अब एनआरआई भी इसमें शामिल होने के लिए आने लगे हैं।