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Indore News: रामकी कंपनी विस्फोट- अलग-अलग कंपनियों से आए कचरे को मिलाने से हुई थी रासायनिक प्रक्रिया

Thu, 16 Apr 2026 08:00 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर के पास पीथमपुर स्थित रामकी प्लांट में हुए जोरदार विस्फोट ने औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अलग-अलग कंपनियों के रासायनिक कचरे को मिलाने से हुई खतरनाक प्रतिक्रिया इस हादसे की वजह बनी।
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रामकी प्लांट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर से 40 किलोमीटर दूर पीथमपुर के रामकी प्लांट में हुए विस्फोट की जांच कर रही टीम ने विस्फोट के कारणों का पता लगा लिया है। विस्फोट अलग-अलग कंपनियों से आए कचरे को मिलाने के बाद हुई रासायनिक प्रक्रिया के कारण हुआ। यह धमाके प्लांट के स्टेब्लाइजिंग सेक्शन में हुए, जिसे सील कर दिया गया है। उस हिस्से में कर्मचारियों के जाने पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल जांच जारी है।

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इस प्लांट में भोपाल की यूनियन कार्बाइड कंपनी के जहरीले 337 टन कचरे को जलाया गया था। इस कचरे की 700 टन राख को प्लांट के ही एक हिस्से में दफन किया गया है।मंगलवार को प्लांट में एक के बाद एक तीन धमाके हुए थे। प्लांट से 400 मीटर दूर ही तारापुर गांव स्थित है। ग्रामीणों ने कंपन जैसा असर महसूस किया, जबकि धमाके की आवाज 200 किलोमीटर दूर तक सुनाई देने की बात कही गई है।
 

इस घटना की जांच एमपीआईडीसी (MPIDC) के हेल्थ एंड सेफ्टी विभाग की टीम कर रही है। जांच में यह सामने आया कि कंपनी में अलग-अलग कंपनियों का रासायनिक और ज्वलनशील कचरा आता है। उसे सुरक्षित तरीके से एक सेक्शन में रखा जाता है, ताकि उसका प्रभाव कम हो सके, लेकिन कर्मचारियों ने कचरे को आपस में मिला दिया। 24 घंटे के भीतर कचरे में रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू हो गई।

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विस्फोट के एक दिन पहले दो कंपनियों से आए कचरे को मिलाया गया था। रासायनिक प्रक्रिया के चलते कचरा गर्म हो गया और अचानक विस्फोट हो गया।प्लांट के आसपास रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्लांट में रात के समय कचरा जलाया जाता है। इस कारण उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है।

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